
वाराणसी, 12 अगस्त 2026। अंतरराष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर प्रिज्मैटिक फाउंडेशन, वाराणसी द्वारा क्वीयर एवं ट्रांस समुदाय के युवाओं के लिए सरकारी संस्थानों एवं विभागों की कार्यप्रणाली को समझने के उद्देश्य से एक एक्सपोज़र विज़िट का आयोजन किया गया।
इस पहल के तहत युवाओं ने जिला मुख्यालय/कचहरी परिसर, विकास भवन तथा संबंधित सामाजिक कल्याण, श्रम एवं स्वास्थ्य विभागों की कार्यप्रणाली को समझने का प्रयास किया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य समुदाय के युवाओं को सरकारी योजनाओं, सेवाओं, सामाजिक सुरक्षा, स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार, कौशल विकास, पहचान-पत्र एवं अन्य अधिकारों से संबंधित व्यवस्थाओं की प्रत्यक्ष जानकारी उपलब्ध कराना था।
एक्सपोजर विज़िट के दौरान युवाओं ने विकास भवन में जिला विकास अधिकारी विजय कुमार जायसवाल जी से श्रेया ने सवाल पूछा डीजी कार्ड का प्रोसेस क्या है
नैंसी ने पूछा ट्रांस अमेंडमेंट क़ानून के बाद से पोर्टल बंद है
अनामिका ने पूछा आधार कार्ड पर नाम कैसे बदलवाया जाए
टैन ने पूछा फंक्शन टीजी बाथरूम की किस तरह करवाई जा सकती है
नीति ने पूछा गवर्नमेंट की क्या स्कीम है क्वीर एंड ट्रांस लोगों के लिए
समाज कल्याण अधिकारी आधार कार्ड के संदर्भ में उन्होंने बोला कि नाम चेंज सिर्फ एक ही बार अलाउड है आवास अगर आपके नाम ज़मीन है तो ले सकते हैं वृद्धा, विकलांग विधवा पेंशन आदि के बारे में जानकारी दिया।
जिला मुख्यालय में एडीएम सर के तत्वाधान में कलेक्ट्रेट का भ्रमण कराया गया जिला कोर्ट से लेकर राजस्व विभाग आदि की जानकारी मिली
श्रम विभाग में भ्रमण के दौरान पता चला कि सभी तरह के लेबर का श्रम कार्ड यह बनता है अलग अलग एरिया में कैंप लगा के भी कार्ड बनते हैं लगातार रिनुअल करने पर कई और जैसे शादी अनुदान, शिक्षा अनुदान आदि भी मिलता है विभाग के उच्च अधिकारियों का सावन में ड्यूटी लगा है तो कोई मिल नहीं पाया
आज सभी अधिकारियों एवं विभागीय प्रतिनिधियों से संवाद करते हुए यह समझा कि सरकारी सुविधाओं का लाभ लेने के लिए किन प्रक्रियाओं का पालन करना होता है, आवश्यक दस्तावेज क्या हैं तथा किसी समस्या की स्थिति में संबंधित विभाग से किस प्रकार संपर्क किया जा सकता है।
कचहरी परिसर का भ्रमण करे हुए युवाओं ने जिला कोर्ट, वकीलों का चैंबर और न्यायालय के प्रक्रिया को समझने देखने का प्रयास किया।
प्रिज्मैटिक फाउंडेशन दक्ष ने कहा कि क्वीयर एवं ट्रांस युवाओं के लिए केवल अधिकारों की जानकारी पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन्हें सरकारी संस्थाओं और सेवा प्रणालियों तक प्रत्यक्ष पहुँच एवं संवाद का अवसर मिलना भी आवश्यक है। जानकारी और संस्थागत पहुँच की कमी के कारण अनेक युवा उपलब्ध योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ नहीं उठा पाते हैं।
इस अवसर पर प्रिज्मैटिक फाउंडेशन की निदेशक नीति ने कहा कि, “सरकारी योजनाएँ और सुविधाएँ तभी प्रभावी मानी जाएंगी, जब वे समाज के प्रत्येक वर्ग, विशेषकर हाशिए पर रहने वाले समुदायों तक समान रूप से पहुँचें। क्वीयर एवं ट्रांस युवाओं को सरकारी संस्थाओं से जोड़ना उनके अधिकारों, आत्मनिर्भरता और सामाजिक भागीदारी की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।”
फाउंडेशन ने संबंधित विभागों से समुदाय के साथ निरंतर संवाद, संवेदनशीलता एवं समावेशी सेवा-प्रणाली विकसित करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
यह पहल क्वीयर एवं ट्रांस युवाओं को जानकारी से अधिकार, और अधिकार से संस्थागत पहुँच की ओर ले जाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है।
कार्यक्रम का संचालन अनामिका ने किया और मुख्य रूप से दक्ष, बनी, दिव्यांशु, मौली, श्रेया, टन, ज्योति, आयुष के साथ दर्जनों यूवा शामिल रहे ।

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