
वाराणसी।वसन्त कन्या महाविद्यालय में 12 अगस्त 2026 को भारतीय पुस्तकालय विज्ञान के जनक डॉ. एस. आर. रंगानाथन की जयंती के उपलक्ष्य में ‘‘राष्ट्रीय पुस्तकालयाध्यक्ष दिवस’’ और तीन दिवसीय (12-14 अगस्त 2026) भव्य पुस्तक मेले का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य छात्राओं में पठन-पाठन की संस्कृति को बढ़ावा देना और डिजिटल युग में भी पुस्तकों के महत्व को रेखांकित करना था।
कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय की प्राचार्या प्रो. रचना श्रीवास्तव के द्वारा दीपप्रज्वलन तथा डॉ. एस. आर. रंगानाथन के चित्र पर पुष्प अर्पण के साथ हुआ।
इस अवसर पर छात्राओं को सम्बोधित करते हुए प्राचार्या ने कहा कि पुस्तकें ज्ञान का शाश्वत स्रोत हैं तथा पुस्तकालय किसी भी शैक्षणिक संस्थान का हृदय होता है, डिजिटल युग में भी पुस्तकों का अपना महत्व है।
इस अवसर पर महाविद्यालय की पुस्तकालयाध्यक्षा श्रीमती नम्रता गुप्ता, पुस्तकालय समिति के सदस्य, पुस्तकालय के सभी सदस्य तथा सभी शैक्षणिक एवं गैर-शैक्षणिक सदस्यों के साथ छात्राएं मौजूद रहीं।
महाविद्यालय के सभागार में एक भव्य पुस्तक मेले का भी आयोजन किया गया। पुस्तक मेले में राजकमल प्रकाशन, आइडियल पब्लिशर्स, ग्लोबल पब्लिशर्स, कला प्रकाशन और मोतीलाल बनारसीदास जैसे प्रतिष्ठित प्रकाशकों ने भाग लिया।
मेले में साहित्य, विज्ञान, तकनीक, इतिहास, प्रतियोगी परीक्षाओं और सामान्य ज्ञान से जुड़ी हजारों पुस्तकों के स्टॉल लगाए गए । प्रकाशकों द्वारा छात्रों और शिक्षकों को पुस्तकों की खरीद पर विशेष छूट भी दी गई।

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