धर्मसम्राट करपात्री जी एवं ज्योतिष्पीठाधीश्वर जगदगुरू शंकराचार्य जी का काशी सहित पूरे देश में मनाया गया प्राकट्य महामहोत्सव

वाराणसी।काशी शंकराचार्य घाट स्थित श्रीविद्यामठ में श्रावण शुक्ल द्वितीया दिन शुक्रवार को धर्मसम्राट करपात्री जी महाराज एवं परमधर्माधिश धर्मावतार ज्योतिष्पीठाधीश्वर जगदगुरू शंकराचार्य स्वामिश्री: अविमुक्तेश्वरानंद: सरस्वती जी महाराज का 57वां प्राकट्य महामहोत्सव संतों एवं भक्तों ने अत्यंत हर्षोल्लास एवं धूमधाम से मनाया।

 

सर्वप्रथम आज वैदिक आचार्यों ने ज्योतिष्पीठाधीश्वर जगदगुरू शंकराचार्य जी महाराज के दीर्घायु एवं स्वस्थ जीवन की मंगलकामना के साथ पूर्ण विधिविधान से रुद्राभिषेक सम्पन्न कराया। जिसके पश्चात श्रीविद्यामठ के प्रभारी ब्रह्मचारी परमात्मानन्द जी के नेतृत्व में भक्तों ने धर्मसम्राट करपात्री जी महाराज एवं शंकराचार्य जी महाराज के चित्र पर माल्यार्पण कर पुष्प अर्पित किया एवं शंकराचार्य जी महाराज के चरण पादुका का पूजन किया। जिसके अनंतर सैकड़ों दंडी सन्यासियों का भंडारा सम्पन्न हुआ। इस दौरान मातृशक्ति ने भजन,कीर्तन एवं सोहर का गान किया एवं हर्षपूर्वक नृत्य भी किया।श्रीविद्या मठ में दिन भर महाभंडारा का आयोजन हुआ जिसमें भक्तों ने प्रसाद ग्रहण किया।

 

उक्त जानकारी देते हुए शंकराचार्य जी महाराज के मीडिया प्रभारी संजय पाण्डेय ने बताया कि छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिला स्थित सपाद लक्षेश्वर धाम सलधा में पूज्य शंकराचार्य जी महाराज का चातुर्मास्य व्रत अनुष्ठान चल रहा है जहां पर पूरे देश से इकट्ठे हुए भक्तों ने हर्षोल्लास के साथ शंकराचार्य जी प्राकट्य दिवस मनाया,भक्तों ने शंकराचार्य जी का 57 वें अवतरण दिवस पर 57 अलग अलग वस्तुओं से अर्चन किया एवं फल,अनाज,मिष्ठान,

रबड़ी एवं सूखे फलों से तुलादान किया।इस दौरान शंकराचार्य जी ने परम्परागत पूजन किया एवं भक्तों को आशीर्वचन प्रदान किया।इसके साथ ही ज्योर्तिमठ बद्रिकाश्रम के प्रभारी स्वामी प्रत्यक्चैतन्य मुकुन्दानन्द गिरी जी महाराज के सान्निध्य में ज्योर्तिमठ में भी विविध आयोजन सम्पन्न कर शंकराचार्य जी दीर्घायु जीवन हेतु कामना की गई।शंकराचार्य जी के अवतरण दिवस पर द्वादश ज्योतिर्लिंगों,सभी धामों एवं सप्त पूरियों सहित पूरे देश में धार्मिक अनुष्ठान आयोजित कर राममंदिर का फैसला हिंदुओं के पक्ष में करवाने वाले,रामसेतु को टूटने से बचाने वाले,गंगा जी को राष्ट्रीय नदी घोषित करवाने वाले,काशी में सैकड़ों मंदिरों को टूटने से बचाने वाले एवं सनातनधर्म को पुष्ट करने हेतु अनेकों कार्य एवं वर्तमान समय में गौमाता के प्राणों की रक्षा हेतु राष्ट्रव्यापी आंदोलन छेड़ने वाले सनातनधर्म के प्राणवायु शंकराचार्य जी के दीर्घायु जीवन हेतु कामना की गई।

 

इस दौरान दंडी सन्यासियों,वैदिक आचार्यों,बटुक विद्यार्थियों सहित जयंतु जय शास्त्री,हजारी कीर्ति शुक्ला,हजारी सौरभ शुक्ला,विमलेश तिवारी,रमेश पाण्डेय,लता पाण्डेय,सावित्री पाण्डेय,चांदनी चौबे,माधुरी पाण्डेय,नीलम दुबे सहित हजारो लोग उपस्थित थे।

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