सारनाथ (वाराणसी)। हवेलिया गांव स्थित प्राचीन शम्मो माता मंदिर के चारों ओर बाउंड्रीवॉल बनाकर घेराबंदी करने का रविवार को स्थानीय ग्रामीणों ने जमकर विरोध किया। प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों ने बाउंड्री निर्माण का काम रुकवा दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने दोनों पक्षों को समझा-बुझाकर मामला शांत कराया।
ग्रामीणों के अनुसार, संगिनी कमर्शियल अपार्टमेंट के उत्तरी छोर पर स्थित शम्मो माता का मंदिर अति प्राचीन है। ग्रामीणों का आरोप है कि अपार्टमेंट निर्माता जितेंद्र पाठक ने मंदिर की भूमि की रजिस्ट्री नहीं कराई है, फिर भी बाउंड्रीवॉल बनाकर मंदिर को अपने कब्जे में लेने का प्रयास किया जा रहा है। ग्रामीणों का यह भी कहना है कि अपार्टमेंट के लिए 14 बीघा जमीन ली गई थी, जबकि आसपास की कुछ जमीन बंजर की है।
क्षेत्रीय पार्षद अभय पांडेय ने बताया कि इस मामले में पूर्व में भी पंचायत हो चुकी है। इसके बावजूद मंदिर के बाहर बाउंड्री निर्माण कराया जाना समझ से परे है। उधर, कार्यदायी संस्था के कर्मचारी चंद्रशेखर गिरी ने दावा किया कि स्वीकृत नक्शे के अनुसार मंदिर उनकी सीमा (हद) के भीतर ही आता है।
मामले को शांत कराते हुए आशापुर चौकी प्रभारी दीक्षा पांडेय ने दोनों पक्षों को राजस्व विभाग के माध्यम से जमीन की पैमाइश कराने का निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि पैमाइश की रिपोर्ट के आधार पर ही आगे का कार्य नियमानुसार किया जाएगा।

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