
सत्य की जीत: 30 वर्षीय सेना के सूबेदार को न्यायालय ने किया बरी
रिपोर्ट उपेन्द्र कुमार पाण्डेय
सुल्तानपुर। मोतिगरपुर भारतीय सेना में 30 वर्ष तक देश की सेवा करने वाले सेवानिवृत्त सूबेदार सत्येंद्र कुमार पाण्डेय अपने परिवार व बच्चों के साथ अपने पैतृक गांव दियरा बंधू मिश्र का पुरवा, थाना मोतिगरपुर, जिला सुल्तानपुर में रहते हैं।
पीड़ित परिवार का आरोप है कि गांव के ही कुछ लोगों ने पुरानी रंजिश के चलते षडयंत्र रचकर उनके खिलाफ थाना मोतिगरपुर में झूठी FIR दर्ज करा दी। FIR के बाद पुलिस ने उनके ऊपर BNS की धारा 109 के तहत कार्रवाई करते हुए उन्हें जेल भेज दिया, जहां एक बेगुनाह पूर्व सैनिक को 18 दिन तक जेल में रहना पड़ा।
पीड़ित पक्ष के अनुसार उक्त FIR गांव निवासी राजमणि मिश्रा और उनके बेटों अखिलेश मिश्रा, अजित मिश्रा, अखंड मिश्रा, अवनीश मिश्रा आदि की ओर से दर्ज कराई गई थी।
मामले की सुनवाई के दौरान माननीय न्यायालय ने पाया कि वादी पक्ष द्वारा लगाए गए आरोपों के समर्थन में कोई ठोस साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया गया। साक्ष्यों के अभाव और प्रथम दृष्टया षडयंत्र प्रतीत होने पर न्यायालय ने सेवानिवृत्त सूबेदार सत्येंद्र पाण्डेय को बाइज्जत बरी कर दिया।
न्यायालय के फैसले के बाद पीड़ित परिवार ने राहत की सांस ली है। ग्रामीणों में भी चर्चा है कि देश के लिए 30 साल देने वाले सैनिक को इस तरह झूठे मुकदमे में फंसाना अत्यंत निंदनीय है। पीड़ित परिवार ने जिला प्रशासन से झूठी FIR दर्ज कराने वालों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

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