
रिपोर्ट अशरफ
प्रयागराज। फूलपुर में “एक शाम वतन के नाम” एक शानदार महफिल-ए-मुशायरा का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में देशभक्ति, मोहब्बत, भाईचारे और सामाजिक सरोकारों से जुड़े कलाम ने श्रोताओं को देर रात तक बांधे रखा। स्थानीय लोगों और साहित्यप्रेमियों ने बड़ी संख्या में शिरकत कर शायरों का उत्साहवर्धन किया।
मुशायरे में जनाब मखदूम फूलपुरी, जनाब सुरेश कुमार अकेला चंदौली, जनाब शकील फूलपुरी, जनाब डॉक्टर शोएब सिद्दीकी फूलपुरी, जनाब इरफान इलाहाबादी, जनाब चांद फूलपुरी, जनाब आजम इकबाल दानिश इलाहाबादी, जनाब अब्दुल रहमान इलाहाबादी, जनाब अरसलान मुदस्सिर और जनाब सगीर फूलपुरी ने अपने बेहतरीन अशआर और कलाम पेश किए। शायरों ने अपनी शायरी के माध्यम से वतन से मोहब्बत, इंसानियत, आपसी भाईचारे और समाज में सौहार्द का संदेश दिया।
कार्यक्रम का संचालन शरीक फूलपुरी ने प्रभावी अंदाज में किया, जबकि शेर-ए-निगरानी की जिम्मेदारी सुहैल ठाकुर ने निभाई। कार्यक्रम में मेहमान-ए-खास जनाब अलहाज डॉक्टर मोइनुद्दीन की मौजूदगी ने आयोजन की गरिमा बढ़ाई।
मुशायरे में पूर्व सभासद मोहम्मद कामिल, मोहम्मद अनीस, सुहेल, अधिवक्ता उर्फी, अहमद राजा, अब्दुल्ला अहद, सभासद सेराज, वसीम, टिंकू, अधिवक्ता नौशाद अहमद बाबू समेत अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे।
शायरों के एक के बाद एक शानदार कलाम पर महफिल में मौजूद लोगों ने जमकर दाद दी। देर तक तालियों और वाह-वाह की आवाजों से पूरा माहौल गूंजता रहा।
आयोजकों ने कहा कि ऐसे साहित्यिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम समाज में आपसी प्रेम, भाईचारे और गंगा-जमुनी तहजीब को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
कार्यक्रम के अंत में सभी शायरों, मेहमानों और उपस्थित लोगों का आभार व्यक्त किया गया। “एक शाम वतन के नाम” की यह महफिल फूलपुर में साहित्य और शायरी के चाहने वालों के लिए यादगार बन गई।

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