
वाराणसी। उच्च शिक्षा के विद्यार्थियों को करियर के विभिन्न अवसरों, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी, कौशल विकास, रोजगार तथा स्वरोजगार के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से बुधवार को आचार्य सीताराम चतुर्वेदी महिला महाविद्यालय, डोमरी, रामनगर, वाराणसी में एक दिवसीय करियर मार्गदर्शन कार्यशाला का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का आयोजन करियर काउंसलिंग एवं प्लेसमेंट प्रकोष्ठ, काशी हिन्दू विश्वविद्यालय, वाराणसी द्वारा किया गया। कार्यशाला में काशी हिंदू विश्वविद्यालय वाराणसी के रोजगार सृजन एवं मार्गदर्शन से जुड़े विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों को महत्वपूर्ण जानकारी दी।
कार्यक्रम का शुभारंभ आचार्य पंडित सीताराम चतुर्वेदी जी जी के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया। इसके पश्चात मुख्य वक्ताओं एवं अतिथियों का सम्मान किया गया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. लक्ष्मी द्वारा किया गया।
कार्यशाला में मुख्य वक्ता श्री रविंद्र कुमार सहाय ने विद्यार्थियों को स्नातक एवं स्नातकोत्तर शिक्षा के बाद उपलब्ध करियर विकल्पों तथा रोजगार के विभिन्न अवसरों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी, आवश्यक कौशल विकसित करने, कंप्यूटर ज्ञान तथा स्वरोजगार की संभावनाओं पर भी प्रकाश डाला। विद्यार्थियों को बदलते रोजगार बाजार के अनुरूप स्वयं को तैयार करने के लिए प्रेरित किया गया।
कार्यक्रम के दौरान तनाव प्रबंधन, व्यक्तित्व विकास एवं मानसिक स्वास्थ्य जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी चर्चा की गई। विद्यार्थियों की जिज्ञासाओं का समाधान संवादात्मक प्रश्नोत्तर सत्र के माध्यम से किया गया।
कार्यशाला के एक अन्य सत्र में श्री जितेन्द्र कुमार श्रीवास्तव, वरिष्ठ सहायक, ने पोर्टल की उपयोगिता, पंजीकरण प्रक्रिया तथा रोजगार संबंधी सेवाओं के बारे में विद्यार्थियों को मार्गदर्शन प्रदान किया गया। विद्यार्थियों को पोर्टल पर उपलब्ध रोजगार एवं करियर संबंधी सुविधाओं का लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया गया।
कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने कहा कि आज के प्रतिस्पर्धी दौर में केवल शैक्षणिक योग्यता पर्याप्त नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों में कौशल, व्यक्तित्व विकास, मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता तथा रोजगार के बदलते अवसरों की समझ भी आवश्यक है।
कार्यशाला में डॉ. संतोष कुमार गौतम, असिस्टेंट प्रोफेसर, मनोविज्ञान विभाग, जगतपुर पी.जी कॉलेज ने भी उपस्थित छात्राओं को करियर काउंसलिंग से संबंधित जानकारी प्रदान किया।
महाविद्यालय के सीएमओ श्रीमती अपूर्वा पाण्डेय भी इस अवसर पर उपस्थित रहीं।
कार्यक्रम के अंत में प्राचार्य प्रो. राम नरेश शर्मा द्वारा मुख्य वक्ताओं, विशेषज्ञों, अतिथियों एवं सहयोगी संस्थाओं के प्रति आभार व्यक्त किया गया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की कार्यशालाएं विद्यार्थियों को अपने भविष्य के प्रति स्पष्ट दिशा प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

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