प्रेमचंद की ‘कायर’ कहानी ने कराया नैतिक साहस और आत्मसम्मान का बोध

वाराणसी। प्रेमचंद मार्गदर्शन केंद्र लमही की ओर से आयोजित ‘सुनो मैं प्रेमचंद’ कार्यक्रम के तहत रविवार को प्रेमचंद की कहानी ‘कायर’ का पाठ किया गया। कार्यक्रम के 2015वें दिवस पर डॉ. अजय कुमार भारतीय ने कहानी का पाठ किया। इस अवसर पर ट्रस्ट के निदेशक राजीव गोंड और व्यंग्यकार सूर्यदीप कुशवाहा ने उन्हें सम्मानित किया। कहानी की समीक्षा करते हुए राजीव गोंड ने कहा कि प्रेमचंद बाहरी बहादुरी की अपेक्षा मनुष्य के नैतिक साहस को अधिक महत्व देते थे। ‘कायर’ कहानी का मूल प्रश्न भय और साहस से आगे बढ़कर वास्तविक कायरता को समझना है। उन्होंने कहा कि डरना स्वाभाविक है, लेकिन भय के कारण कर्तव्य, आत्मसम्मान और सत्य से दूर हो जाना ही वास्तविक कायरता है। सूर्यदीप कुशवाहा ने कहा कि यह कहानी मानवीय मनोविज्ञान और सामाजिक यथार्थ का सुंदर चित्रण करती है। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रेमचंद के चित्र पर माल्यार्पण कर किया गया। इस अवसर पर सुनील कुमार, नमन श्रीवास्तव, राहुल यादव, रोहित गुप्ता, समीक्षा त्रिपाठी, मनोज श्रीवास्तव, विवेक विश्वकर्मा सहित अन्य लोग मौजूद रहे। संचालन आयुषी दूबे ने किया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *