
वाराणसी। चालू वर्ष की तृतीय राष्ट्रीय लोक अदालत का शुभारंभ शनिवार को जनपद न्यायाधीश संजीव शुक्ला द्वारा दीप प्रज्जवलित करके किया गया। उन्होंने अपने अध्यक्षीय उदबोधन में पेमेंट सेतु एप्प के माध्यम से एम0वी0एक्ट चालान जमा करने तथा परिसर में विभिन्न स्थलों पर स्थापित हेल्प डेस्क की मदद लेने की अपील की गई तथा उन्होंने बताया कि लोक अदालत एक ऐसा माध्यम बनकर उभरा है, जिससे हम अपना समय गवायें बिना गंभीर से गंभीर मामलों में निस्तारण तक पहुंच सकते हैं। पारिवारिक मामलों की बढ़ती संख्या पर चिंता व्यक्त करते हुए जनपद न्यायाधीश द्वारा कहा गया कि परिवार समाज की ईकाई है ऐसी स्थिति में न्यायालय की भूमिका पारिवारिक समरसता बनाने के परिप्रेक्ष्य में बहुत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि न्यायालय का कार्य वास्तव में परिवारों को जोड़ना है न कि तोड़ना है।
इस कार्यक्रम में प्रधान न्यायाधीश, परिवार न्यायालय-अहमद हुसैन अंसारी, पीठासीन अधिकारी, मोटर दावा एवं दावा अधिकरण-रामकेश, बनारस बार के अध्यक्ष-विनोद कुमार शुक्ला व सेन्ट्रल बार के अध्यक्ष-प्रेम प्रकाश गौतम एवं अपर जिला जज/राष्ट्रीय लोक अदालत के नोडल अधिकारी(न्यायिक)-आलोक कुमार, मुख्य राजस्व अधिकारी/राष्ट्रीय लोक अदालत के नोडल अधिकारी(प्रशासनिक)-अजीत कुमार, यूनियन बैंक के एल0डी0एम0-अविनाश अग्रवाल व राजीव मुकुल पाण्डेय पूर्णकालिक सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण तथा यूनियन बैंक आॅफ इण्डिया के जी0एम0-बी0एन0 सिंह तथा सभी न्यायिक अधिकारीगण व बैंक के कर्मचारीगण उपस्थित रहें।
राष्ट्रीय लोक अदालत में जनपद न्यायालय वाराणसी से कुल 31348 वादों का निस्तारण किया गया जिसमें कुल मिलाकर 8,34,24,789.44 मात्र धनराशि की बसूली की गयी तथा प्रशासन एवं अन्य विभागों द्वारा कुल 527293 वादों का निस्तारण किया गया, जिसमे रू0-11,50,36,210.00 मात्र की धनराशि की वसूली हेतु समझौता हुआ। न्यायालय तथा प्रशासन के सभी विभागों से कुल मिलाकर 558641 वादों का निस्तारण हुआ जिसमें कुल रू0-19,84,60,999.44 मात्र का वसूली किया गया। इस अवसर पर परिवार न्यायालय द्वारा वैवाहिक विवादों को सुलझा कर 08 जोड़ो को न्यायालय परिसर से विदा किया गया।

Leave a Reply