
वाराणसी। उत्तर प्रदेश सरकार के स्टाम्प एवं न्यायालय पंजीयन शुल्क मंत्री रविन्द्र जायसवाल, आयुष मंत्री डॉ दयाशंकर मिश्र ‘दयालु’ एवं एमएसएमई राज्य मंत्री हंसराज विश्वकर्मा की उपस्थिति में मंडलायुक्त एस. राजलिंगम, नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल एवं वीडीए उपाध्यक्ष पूर्ण बोरा सहित संबंधित अधिकारियों के साथ गंगा एवं वरुणा नदी के बढ़ते जलस्तर से प्रभावित परिवारों को राहत उपलब्ध कराने तथा बारिश के कारण शहर की गलियों एवं कॉलोनियों में हो रहे जलजमाव के स्थायी समाधान के लिये शनिवार को सर्किट हाउस सभागार में समीक्षा बैठक कर नगर निगम एवं अन्य संबंधित विभागीय अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।
मंत्रीत्रय ने निर्देशित किया कि बाढ़ एवं बरसात का पानी काॅलोनियों, सड़को पर कही भी एकत्र न होने पाये। नगर निगम के संबंधित अधिकारी इस पर पैनी नजर रखें। किसी भी स्तर पर कोई लापरवाही कत्तई नहीं होनी चाहिए। यह भी निर्देशित किया गया कि कालोनियों या सड़कों पर बरसात का पानी निकलने में बाधा उत्पन्न करने वालों पर एफआईआर दर्ज कराकर कड़ी कार्यवाही किया जाय। बाढ़ एवं जलभराव से प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति की विस्तृत समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता एवं राहत उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। साथ ही शहर में जलजमाव वाले स्थानों को चिन्हित कर जल निकासी की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा दो दिनों के अंदर आवश्यक कार्रवाई पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। यह भी स्पष्ट निर्देश दिया कि यदि किसी व्यक्ति द्वारा नाली, नाला अथवा जल निकासी के प्राकृतिक मार्ग को किसी भी प्रकार से अवरुद्ध कर बरसात के पानी के प्रवाह को रोका जा रहा है, तो ऐसे मामलों की तत्काल जांच कर संबंधित ऐसे लोगों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कर कड़ी कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। बैठक में अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि नागरिकों को जलभराव एवं बाढ़ की समस्या से राहत दिलाने में किसी भी स्तर पर लापरवाही न हो तथा सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करें।

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