किताबी ज्ञान से परे बच्चों को समृद्ध परंपराओं से रूबरू कराने का उठाया बीड़ा

रिपोर्ट उपेन्द्र कुमार पांडेय 

 

आजमगढ़। आधुनिकता की अंधी दौड़ और अंग्रेजी माध्यम की शिक्षा के बढ़ते प्रभाव के बीच, बच्चों को उनकी सनातन संस्कृति से जोड़े रखने का कंधरापुर स्थित सेठ एम. आर. जयपुरिया स्कूल ने एक बीड़ा उठाया है। गणेश चतुर्थी के पावन अवसर पर विद्यालय प्रशासन द्वारा छात्रों को नगर के लालडीग्गी स्थित प्रसिद्ध बड़ा गणेश मंदिर में दर्शन-पूजन कराया गया। ​मंदिर परिसर में विद्यार्थियों ने पूरे विधि-विधान के साथ गणपति बप्पा को मोदक और लड्डुओं का भोग लगाया, दीप प्रज्वलित किए और आरती उतारी। सनातन परंपरा का आनंद लेते हुए बच्चों ने मूषक राज के कान में अपनी मनोकामनाएं भी मांगीं, जिसको लेकर उनमें भारी उत्साह और उत्सुकता देखने को मिली। ​संस्कृति और पर्यावरण के प्रति जागरूकता का संदेश देते हुए मैनेजिंग डायरेक्टर रित्विक जायसवाल ने मंदिर के महंत राजेश मिश्रा को अंगवस्त्रम तथा पौधा भेंट कर सम्मानित किया। इसके बाद सभी बच्चों में प्रसाद का वितरण किया गया। वही मैनेजिंग डायरेक्टर रित्विक जायसवाल ने सभी को गणेश चतुर्थी और हरितालिका तीज की शुभकामनाएं देते हुए कहा, हमारी मंशा बच्चों को केवल किताबी ज्ञान देने तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्हें अपनी समृद्ध सनातन संस्कृति से जोड़े रखना भी है। जब तक नई पीढ़ी अपनी सांस्कृतिक जड़ों को नहीं समझेगी, तब तक भारत को विश्व गुरु बनाने का सपना साकार नहीं हो सकता।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *