
वैदिक मंत्रोच्चार के बीच कलश स्थापना, शतचण्डी सम्पुट पाठ प्रारम्भ
वाराणसी। नवापुरा (दारानगर) स्थित नवदुर्गा मनोकामना सिद्धि मन्दिर में शारदीय नवरात्रि के पावन अवसर पर रविवार को नौ दिवसीय शतचण्डी महायज्ञ का शुभारम्भ वैदिक मंत्रोच्चार एवं धार्मिक अनुष्ठानों के बीच हुआ। कलश स्थापन के पश्चात 11 वैदिक ब्राह्मणों द्वारा शतचंडी का सम्पुट पाठ किया गया।
दर्शन के क्रम आज मां जगद्धात्री(माता वैष्णो) के साथ माता शैलपुत्री का दर्शन किया। इस अवसर पर मन्दिर परिसर में भक्तिमय वातावरण रहा।माता के दर्शन को श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी रही। जय माता दी के जयघोष से पूररे दिन परिसर गुंजायमान रहा।
पं. सर्वज्ञ मिश्रा के आचार्यत्व में प्रातः विधि-विधानपूर्वक कलश स्थापना की गई।सायं महिलाओं ने सामुहिक भजन-कीर्तन किया। रात्रि में माँ की भव्य आरती की गई। पूरे दिन दर्शनार्थियों को प्रसाद का वितरण भी किया गया। शतचंडी महायज्ञ नौ दिनों तक अनवरत चलेगा।
इस दौरान मन्दिर समिति के इन्दुशेखर तिवारी, रविशंकर सिंह, वीरेन्द्र वर्मा, छोटेलाल सेठ, रंगलाल सेठ, प्रकाश द्विवेदी, रत्नेश गुप्ता आदि उपस्थित थे। मंदिर समिति के रविशंकर सिंह ने बताया कि नवरात्रि के दौरान विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों के साथ प्रतिदिन सायंकाल भजन-कीर्तन के कार्यक्रम आयोजित होंगे। सप्तमी तिथि को माँ का विशेष अन्नकूट श्रृंगार किया जाएगा। अष्टमी तिथि को प्रातः सुहागिन महिलाएँ सुहाग की रक्षा एवं अखण्ड सौभाग्य की कामना से माँ के चरणों में सिन्दूर अर्पित करेंगी। नवमी तिथि को सायंकाल माँ की भव्य सामूहिक आरती होगी।

महायज्ञ की पूर्णाहुति 20 अक्टूबर 2026, विजयादशमी के दिन प्रातः सामूहिक हवन एवं देवी स्वरूपा कुँआरी कन्याओं के पूजन के साथ होगी। श्रद्धालुओं की सुविधा एवं दर्शनार्थियों की संभावित भीड़ को देखते हुए मन्दिर में विशेष प्रबन्ध किए गए हैं।

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