सतर्कता जागरूकता सप्ताह 2026 कार्यक्रम अंतर विश्वविद्यालय अध्यापक शिक्षा केन्द्र आयोजित रहा

वाराणसी।अंतर विश्वविद्यालय अध्यापक शिक्षा केंद्र (IUCTE), वाराणसी में “सतर्कता जागरूकता सप्ताह 2026” के अवसर पर सत्यनिष्ठा, पारदर्शिता, जवाबदेही एवं नैतिक आचरण के मूल्यों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

 

कार्यक्रम के माध्यम से भ्रष्टाचार की रोकथाम तथा संस्थागत कार्यप्रणाली में ईमानदारी, निष्पक्षता और उत्तरदायित्व की संस्कृति को सुदृढ़ करने का संदेश दिया गया।

 

कार्यक्रम का शुभारंभ प्रो. आशीष श्रीवास्तव, संकाय प्रमुख (शैक्षणिक एवं अनुसंधान), आईयूसीटीई तथा मुख्य सतर्कता अधिकारी आईयूसीटीई के संबोधन से हुआ।

 

उन्होंने सत्यनिष्ठा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि किसी भी संस्थान की विश्वसनीयता एवं प्रभावशीलता उसके कार्यों में पारदर्शिता, नैतिक मूल्यों और जवाबदेही के पालन पर निर्भर करती है।

 

भ्रष्टाचार की रोकथाम के लिए प्रत्येक व्यक्ति को अपने कर्तव्यों का निर्वहन ईमानदारी एवं निष्ठा के साथ करना चाहिए।

 

इस अवसर पर डॉ. एस. पी. माथुर, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी, आईयूसीटीई ने अपने विचार व्यक्त करते हुए प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता, नियमों के अनुपालन के महत्व को रेखांकित किया।

 

उन्होंने संस्थागत प्रक्रियाओं में नैतिक मूल्यों के पालन को सुशासन का महत्वपूर्ण आधार बताया। कार्यक्रम में श्री अनिल कुमार राय, सुरक्षा प्रभारी, आईयूसीटीई तथा श्री कुलदीप पाण्डेय, तकनीकी प्रभारी, आईयूसीटीई ने भी अपने विचार साझा किए। उन्होंने अपने-अपने कार्यक्षेत्रों में सतर्कता, जिम्मेदारी, ईमानदारी तथा निर्धारित प्रक्रियाओं के पालन की आवश्यकता पर बल दिया।

 

वक्ताओं ने भ्रष्टाचार-मुक्त वातावरण के निर्माण में प्रत्येक कर्मचारी की सक्रिय भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।

 

इस अवसर पर केंद्र के संकाय सदस्यों एवं कर्मचारियों ने सत्यनिष्ठा की शपथ लेकर अपने कार्यों में ईमानदारी, निष्पक्षता, पारदर्शिता एवं जवाबदेही बनाए रखने तथा भ्रष्टाचार की रोकथाम के लिए सामूहिक प्रयास करने का संकल्प लिया।

 

कार्यक्रम का संचालन डॉ. सुनील कुमार त्रिपाठी, सहायक प्राध्यापक, आईयूसीटीई ने किया, जबकि कार्यक्रम का संयोजन श्री अनिल सिंह, अनुभाग अधिकारी, आईयूसीटीई द्वारा किया गया। सतर्कता जागरूकता सप्ताह का यह आयोजन केंद्र की उस प्रतिबद्धता को प्रतिबिंबित करता है, जिसके अंतर्गत संस्थागत कार्यप्रणाली में नैतिक मूल्यों को सुदृढ़ करने, पारदर्शी एवं जवाबदेह प्रशासन को बढ़ावा देने तथा भ्रष्टाचार-मुक्त कार्यसंस्कृति के निर्माण के लिए निरंतर प्रयास किए जाते हैं।

 

उक्त कार्यक्रम में केंद्र के समस्त अध्यापक, अधिकारी एवं कार्यचारीगण उपस्थित रहे।

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