बरेका में ‘सत्यनिष्ठा से समृद्धि’ विषय पर प्रेरणादायी सेमिनार

वाराणसी। बनारस रेल इंजन कारखाना (बरेका), वाराणसी में सतर्कता जागरूकता सप्ताह-2026 के अंतर्गत बुधवार, 28 अक्टूबर 2026 को प्राविधिक प्रशिक्षण केंद्र (टीटीसी) के सभागार में ‘सत्यनिष्ठा से समृद्धि’ विषय पर एक प्रेरणादायी सेमिनार का आयोजन किया गया।

 

महाप्रबंधक बरेका श्री आशुतोष पंत की अध्यक्षता में आयोजित इस कार्यक्रम में काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के सेवानिवृत्त प्रोफेसर एवं प्रख्यात शिक्षाविद् प्रो. मुकुल राज मेहता अतिथि वक्ता के रूप में उपस्थित रहे।

 

सेमिनार का मुख्य उद्देश्य अधिकारियों एवं कर्मचारियों को सत्यनिष्ठा, नैतिक मूल्यों, पारदर्शिता, निष्पक्षता तथा जवाबदेही के महत्व से अवगत कराते हुए भ्रष्टाचार-मुक्त कार्यसंस्कृति को प्रोत्साहित करना था।

 

कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों के स्वागत एवं अंगवस्त्र तथा प्लांटर भेंट कर सम्मानित करने के साथ हुआ। इसके पश्चात उप मुख्य सतर्कता अधिकारी ने स्वागत संबोधन प्रस्तुत किया। दीप प्रज्ज्वलन के साथ सेमिनार का औपचारिक उद्घाटन किया गया।

 

कार्यक्रम में मुख्य सतर्कता अधिकारी श्री अंकुर चंद्रा ने पावर पॉइंट प्रस्तुतीकरण के माध्यम से सतर्कता जागरूकता सप्ताह की प्रासंगिकता, इसके उद्देश्यों तथा जनभागीदारी के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला।

 

उन्होंने महात्मा गांधी के विचारों और आदर्शों का उल्लेख करते हुए सत्यनिष्ठा एवं ईमानदारी को जीवन तथा कार्यव्यवहार में अपनाने की आवश्यकता पर बल दिया। साथ ही, सतर्कता जागरूकता अभियान के अंतर्गत आयोजित विभिन्न गतिविधियों, प्रतियोगिताओं, प्रतिज्ञा एवं जनजागरूकता कार्यक्रमों की जानकारी भी साझा की।

 

अपने विचारोत्तेजक व्याख्यान में अतिथि वक्ता प्रो. मुकुल राज मेहता ने ‘सत्यनिष्ठा से समृद्धि’ विषय की व्याख्या करते हुए कहा कि सत्यनिष्ठा केवल व्यक्तिगत गुण नहीं, बल्कि व्यक्ति, संस्था और समाज के चरित्र को निर्धारित करने वाला महत्वपूर्ण मूल्य है। ईमानदारी, निष्पक्षता और पारदर्शिता से ही आपसी विश्वास मजबूत होता है तथा संस्थागत कार्यप्रणाली में विश्वसनीयता और उत्तरदायित्व विकसित होते हैं।

 

महात्मा गांधी के विचारों का संदर्भ देते हुए उन्होंने साध्य के साथ-साथ साधनों की पवित्रता को भी समान रूप से महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि किसी लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए अपनाया गया मार्ग भी उतना ही नैतिक होना चाहिए जितना कि स्वयं लक्ष्य। मन, वचन और कर्म—तीनों स्तरों पर नैतिक आचरण अपनाना ही वास्तविक सत्यनिष्ठा है। केवल विचारों में ईमानदार होना पर्याप्त नहीं, बल्कि हमारे शब्दों और व्यवहार में भी उसका प्रतिबिंब दिखाई देना चाहिए।

 

प्रो. मेहता ने शिक्षा, स्वास्थ्य और मीडिया जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में नैतिकता की अनिवार्यता पर जोर देते हुए कहा कि जब प्रतिभा के साथ नैतिकता का समन्वय होता है, तभी राष्ट्र की वास्तविक शक्ति और प्रगति सुनिश्चित होती है। उन्होंने संस्कारों के निर्माण में परिवार की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि ईमानदारी एवं नैतिक मूल्यों के बीज बचपन से ही रोपे जाने चाहिए।

 

उन्होंने अधिकारियों एवं कर्मचारियों को प्रेरित करते हुए कहा कि बदलाव की अपेक्षा हमेशा दूसरों से करने के बजाय इसकी शुरुआत स्वयं से करनी चाहिए। प्रत्येक व्यक्ति को अपने आचरण का आत्ममूल्यांकन करते हुए निरंतर सुधार का प्रयास करना चाहिए। सत्यनिष्ठा के मार्ग पर चलकर व्यक्ति अपनी योग्यता, कौशल और परिश्रम के बल पर सम्मानजनक स्थान प्राप्त कर सकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ईमानदारी किसी व्यक्ति की कमजोरी नहीं, बल्कि उसके चरित्र की सबसे बड़ी ताकत है।

 

अध्यक्षीय संबोधन में महाप्रबंधक श्री आशुतोष पंत ने सतर्कता जागरूकता सप्ताह के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि ‘सत्यनिष्ठा से समृद्धि’ केवल एक विषय या नारा नहीं, बल्कि प्रत्येक कर्मचारी के दैनिक जीवन और कार्यप्रणाली में अपनाया जाने वाला संकल्प है। किसी भी संस्थान की प्रतिष्ठा और सफलता उसके कर्मचारियों की ईमानदारी, कर्तव्यनिष्ठा और नैतिक आचरण पर निर्भर करती है।

 

उन्होंने अधिकारियों एवं कर्मचारियों से अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी निष्पक्षता, पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि कार्यस्थल पर नैतिक मूल्यों का पालन केवल नियमों के अनुपालन तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि इसे स्वाभाविक कार्यसंस्कृति का हिस्सा बनाया जाना चाहिए।

 

महाप्रबंधक ने कर्मचारियों को अपनी कार्यक्षमता एवं कौशल में निरंतर सुधार करने तथा ईमानदारी को अपने व्यवहार का स्थायी हिस्सा बनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सामूहिक प्रयासों, नैतिक प्रतिबद्धता और जिम्मेदार कार्यशैली से बरेका में पारदर्शी, उत्तरदायी एवं भ्रष्टाचार-मुक्त वातावरण को और सुदृढ़ किया जा सकता है।

 

सेमिनार के दौरान सतर्कता जागरूकता अभियान-2026 के अंतर्गत आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कृत कर सम्मानित किया गया। इन गतिविधियों का उद्देश्य अधिकारियों एवं कर्मचारियों में नैतिक मूल्यों, सत्यनिष्ठा और भ्रष्टाचार के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ रचनात्मक माध्यमों से सतर्कता के संदेश को व्यापक स्तर तक पहुंचाना था।

 

इस अवसर पर बरेका की सांस्कृतिक टीम ने श्री मुकेश दुबे के निर्देशन में एक प्रभावशाली नाटक का मंचन किया। नाटक के माध्यम से ईमानदार आचरण, नैतिक जिम्मेदारी और सतर्कता के महत्व को रोचक एवं प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया। सांस्कृतिक प्रस्तुति ने उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को यह संदेश दिया कि भ्रष्टाचार-मुक्त समाज और संस्थान के निर्माण में प्रत्येक व्यक्ति की भूमिका महत्वपूर्ण है।

 

कार्यक्रम के अंत में महाप्रबंधक श्री आशुतोष पंत ने अतिथि वक्ता प्रो. मुकुल राज मेहता को स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया। उप मुख्य सतर्कता अधिकारी श्री नीरज सिंह ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया।

 

इस अवसर पर प्रमुख मुख्य विद्युत इंजीनियर श्री मनीष कुमार, प्रमुख मुख्य यांत्रिक इंजीनियर श्री विवेक शील, प्रमुख मुख्य सामग्री प्रबंधक श्री आलोक अग्रवाल, प्रधान वित्त सलाहकार श्री मुक्तेश मित्तल, प्रमुख मुख्य इंजीनियर श्री राम जन्म, प्रमुख मुख्य कार्मिक अधिकारी श्री लालजी चौधरी, प्रमुख मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुनील कुमार, महानिरीक्षक सह प्रधान मुख्य सुरक्षा आयुक्त श्री देवराज कुमार मौर्य, उप महाप्रबंधक श्री सागर सहित विभिन्न विभागाध्यक्ष, वरिष्ठ अधिकारी एवं कर्मचारी परिषद के संयुक्त सचिव श्री प्रदीप कुमार यादव तथा सदस्य श्री नवीन कुमार सिन्हा, श्री संतोष कुमार यादव एवं श्री सुशील कुमार सिंह सहित बड़ी संख्या में कर्मचारियों ने कार्यक्रम में सहभागिता की।

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