
हाथी, घोड़े, ऊंट और ग्यारह रथों पर सवार संत महात्मा और पीत वस्त्रों में कलश लिए हजारों श्रद्धालु-भक्त लेंगे भाग
वाराणसी।भारत प्रसिद्ध परिव्राजक संत श्रीलक्ष्मीप्रपन्न जीयर स्वामी जी महाराज की पावन उपस्थिति में आयोजित श्रीलक्ष्मीनारायण महायज्ञ की जलभरी शोभायात्रा का उद्घाटन 22 नवंबर को वाराणसी के कमिश्नर कौशल राज शर्मा दीप प्रज्जवलित कर करेंगे।
शोभयात्रा में हाथी, घोड़े, ऊंट और ग्यारह रथों पर सवार संत महात्मा शोभायात्रा का नेतृत्व करेंगे। पीत वस्त्रों में सुसज्जित सिर पर पवित्र कलश के साथ हजारों स्त्री पुरुष आबाल वृद्ध भगवान श्रीलक्ष्मीनारायण का भजन कीर्तन करते चलेंगे।
महायज्ञ आयोजन समिति के अध्यक्ष जगद्गुरु रामानुजाचार्य श्री शिवपूजन शास्त्री ने बताया कि सहज, सरल एवं रचनात्मक प्रतिभा के धनी कमिश्नर श्री शर्मा ने अत्यंत विनम्रता पूर्वक शोभायात्रा का उद्घाटन करना स्वीकार किया जिसके लिए आयोजन समिति उनके प्रति आभार व्यक्त करते हुए उनकी उत्तरोत्तर उन्नति की कामना करती है।
जगद्गुरू शास्त्री जी ने बताया कि शोभायात्रा २२ नवंबर को दिन के ११ बजे मारुतिनगर में मां गंगा किनारे स्थित यज्ञस्थल से प्रारंभ होकर रमना, ट्रामा सेंटर, सामने घाट होते हुए यज्ञशाला के उत्तर गंगा तट पर पहुंचेगी। मां गंगा का विधिवत पूजन संपन्न कर कलशों में जल भरा जाएगा। इसके बाद वैदिक विधान के अनुसार यज्ञशाला में यज्ञारंभ की प्रक्रिया होगी।
उन्होंने बताया कि पूज्य श्रीलक्ष्मीप्रपन्न जीयर स्वामी जी महाराज १९ नवंबर को यज्ञस्थल पर पधारेंगे और उनके आदेशानुसार सभी पुण्य कार्य संपन्न किए जाएंगे। जगद्गुरु ने भक्तों तथा श्रद्धालुओं से अधिकाधिक संख्या में शोभायात्रा में सहभागिता कर पुण्य का भागी बनने की अपील की।
