वाराणसी। डीएवी पीजी कॉलेज के राजनीति विज्ञान विभाग के तत्वावधान में मंगलवार को विशेष व्याख्यान का आयोजन किया गया। ‘सामाजिक आर्थिक मानवाधिकार का न्यायिकरण’ विषय पर आयोजित व्याख्यान को सम्बोधित करते हुए मुख्य वक्ता स्कूल ऑफ कल्चर एंड सोसाइटी, आरहुस यूनिवर्सिटी, डेनमार्क के डॉ. क्रिश्चियन ओ क्रिस्टियनशेन ने कहा कि मानवाधिकार के लिए आज समूचा विश्व समुदाय चिंतित है। मानवाधिकार ही एक ऐसी शक्ति है जो दुनिया भर में लोकतंत्र को जीवित रखने में मदद करता है। एक स्वस्थ लोकतंत्र ही मजबूत सामाजिक और आर्थिक मानवाधिकार का स्तम्भ है। उन्होंने कहा कि मानवाधिकार को सीमित दायरे में नही रखा जा सकता है जिस प्रकार लोकतंत्र सिर्फ वोट देने के अधिकार तक सीमित नही है उसी प्रकार मानवाधिकार एक व्यक्ति की स्वतंत्रता से कही अधिक समाज की वास्तविक स्थिति को दर्शाता है। उन्होंने सामाजिक आर्थिक मानवाधिकार के संदर्भ में रॉल्फ बंच के योगदान की भी व्याख्या की। उनके मुताबिक अमेरिका विरोधाभास से भरा है आज भी वे मानवाधिकारों को लेकर दुविधा की स्थिति में दिखलाई पड़ते है। इसके उपरांत डॉ. क्रिश्चियन ने विद्यार्थियों से संवाद भी किया।

इससे पूर्व वक्ता का स्वागत स्मृति चिन्ह एवं पुष्पगुच्छ भेंट कर किया गया। संचालन डॉ. प्रियंका सिंह, स्वागत डॉ. प्रतिमा गुप्ता एवं धन्यवाद ज्ञापन गौरव मिश्रा ने दिया।

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