
वाराणसी। (छित्तूपुर) स्थित मोतीलाल मानव उत्थान समिति की ओर से आयोजित बनारस पुस्तक मेला में दूसरे दिन विशिष्ट व्याख्यान ” खुशियों की चाभी – एक मनोवैज्ञानिक विश्लेषण ” में
मनोवैज्ञानिक डा. अनिल कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि खुशी के अनुभव के लिए शारीरिक सक्रियता और उचित मानसिक न्यूरोट्रांसमीटर्स का प्रवाह होना आवश्यक है। उन्होने विशिष्ट खुशी हारमोन ” सेरेटोनिन’ के बनने की प्रक्रिया पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने मन और शरीर के आपसी सम्बन्ध और उनके पारस्परिक निर्भरता पर विस्तार से चर्चा की। कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्थान के अध्यक्ष अवधेश कुशवाहा और संचालन प्रबन्धक मिथिलेश कुशवाहा ने किया।
