
वाराणसी। महिलाओं का आर्थिक सशक्तिकरण और अर्थव्यवस्था में उनका योगदान वर्तमान परिवेश में विमर्श का प्रमुख बिंदु है। इस विषय पर व्यापक संवाद के लिए डीएवी पीजी कॉलेज में एक दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन 25, नवम्बर 2023 शुक्रवार को आयोजित किया गया है।
अर्थशास्त्र विभाग के तत्वावधान में ‘जेंडर इकोनॉमिक्स और महिलाओं का शिक्षा एवं श्रम में भागिदारी के नये आयाम’ विषयक संगोष्ठी में आर्थिक, शिक्षा, व्यवसाय, गृहणी आदि क्षेत्रों में अपना विशिष्ट योगदान देने वाली महिलाएं एवं विषय विशेषज्ञ शामिल होंगे। विभागाध्यक्ष एवं कार्यक्रम संयोजक प्रो. अनूप कुमार मिश्रा ने बताया कि वर्ष 2023 का अर्थशास्त्र का नोबेल पुरस्कार हार्वर्ड यूनिवर्सिटी, अमेरिका की प्रो. क्लाउडिया गोल्डीन को उनके महिला आर्थिक सशक्तिकरण एवं अर्थव्यवस्था में उनके योगदान पर सतत शोध और नीति निर्धारण में मदद करने के लिए मिला है, उन्ही को समर्पित यह राष्ट्रीय संगोष्ठी डीएवी में आयोजित है जो एचपीसीएल द्वारा प्रायोजित है। इसमें मुख्य अतिथि के रूप में साहित्यकार डॉ. नीरजा माधव, वरिष्ठ आर्थिक पत्रकार शिशिर सिन्हा, जेएनयू, सीएसआरडी के पूर्व प्रमुख प्रो. अमरेश दुबे शामिल होंगे वहीं विशिष्ट अतिथि के रूप में जीएसटी एवं केंद्रीय एक्साइज की एडिशनल कमिश्नर कविता सिंह, छावनी बोर्ड की अधिशासी अधिकारी आकांक्षा तिवारी, फ़िल्म निर्माता आकांक्षा मिश्रा आदि शामिल होंगी।
संगोष्ठी में समाज की वें महिलाएं भी शामिल होंगी जिन्होंने स्वतंत्र रूप से अपनी पहचान बनाई है उनमें मुख्य रूप से डॉ. उषा किरण सिंह, डॉ. भारती मिश्रा, प्रो. जया चक्रवर्ती, डॉ. पद्मिनी रविंद्रनाथन, डॉ. अंजली वाजपेयी, श्रद्धा सिंह, सारिका चौधरी, प्रो. मनीषा मेहरोत्रा, प्रो. रंजना सेठ, स्वाति वाही आदि प्रमुख महिलाएं शामिल होंगी। विभिन्न सत्रों में आयोजित संगोष्ठी की अध्यक्षता प्रो. सत्यदेव सिंह, प्रो. मृत्युंजय मिश्रा, प्रो. ए.के. गौड़, प्रो. भूपेंद्र विक्रम सिंह करेंगे। आयोजन सचिव डॉ. पारुल जैन ने बताया कि संगोष्ठी में 100 से अधिक शोधपत्र प्रस्तुत किये जायेंगे जिसमे यूनाइटेड किंगडम, अमेरिका, सिंगापुर, बांग्लादेश आदि देशों से एब्सट्रेक्ट प्राप्त हो चुके है।
