
वाराणसी। उदय प्रताप कॉलेज में अन्तर्राष्ट्रीय मानवाधिकार दिवस पर एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। मानवाधिकारों की शपथ दिलाई गई। आईपीएस पूर्व एडिशनल पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह मुख्य रहे। उन्होंने मानवाधिकारों के व्यावहारिक पक्ष पर विस्तृत व्याख्यान दिया। राजर्षि सभागार में मानवाधिकार दिवस पूरे उमंग और उत्साह से राजर्षि परिवार संग मनाया गया। “समसामयिक काल में मानवाधिकारों की बढ़ती प्रासंगिकता’ विषय पर चर्चा परिचर्चा की गई। कार्यक्रम का प्रारंभ राजर्षि जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण और उनके समक्ष दीप प्रज्वलन से किया गया। संतोष कुमार सिंह ने रामायण और महाभारत के प्रसंगों के माध्यम से मानवाधिकार की ऐतिहासिकता और प्रासंगिकता पर विस्तार से प्रकाश डाला। अपने पुलिस सेवाकाल के अनेक अनुभवों को साझा करते हुए उन्होंने उपस्थित सभा से नैतिक शुद्ध भावो से निखारते हुए स्वयं को सही अर्थ में मानव बनने की प्रेरणा दी। प्राचार्य प्रोफेसर डी के सिंह ने अपना विचार व्यक्त किए। विधि विषय के विद्वान प्रोफेसर डी के सिंह ने वैदिक काल से वर्तमान काल तक मानवाधिकार के विकास गाथा को तथ्य सहित प्रस्तुत किया।इन्होंने समसामयिक काल में सामाजिक,राजनीतिक और सांस्कृतिक संदर्भों में मानवाधिकार के बदलते आयाम और स्वरूप पर गहनता से परिचर्चा की। अतिथियों का स्वागत और विषय की स्थापना करते हुए कार्यक्रम की संयोजिका प्रोफेसर अलका रानी गुप्ता ने कहा कि कितनी त्रासदी है कि हम सब मनुष्य है,मानव समाज में रहते है फिर भी मानवता बचाने की हम सब गुहार लगाने को विवश है। मानवाधिकार की सभी शिक्षकों और छात्रों को शपथ भी सामूहिक रूप से दिलाई गई।धन्यवाद ज्ञापन पूर्व कार्यवाहक प्राचार्य प्रोफेसर एस के सिंह जी ने दिया। संचालन रक्षा एवं स्त्रात्जिक विभग के अध्यक्ष डॉ अग्निप्रकाश शर्मा ने किया। इस अवसर पर चीफ प्राक्टर प्रोफेसर संजय शाही,प्रोफेसर सुधीर कुमार शाही, डॉ देवेश चंद, प्रोफेसर गोरखनाथ, प्रोफेसर अनीता सिंह, प्रोफेसर मधु सिंह, डॉक्टर सपना सिंह, प्रोफेसर सुमन सिंह, डॉक्टर रंजना श्रीवास्तव, प्रोफेसर अनिल कुमार सिंह, डॉक्टर अनिल सिंह( हिंदी), प्रोफेसर अमरेंद्र कुमार सिंह, डॉ डी डी सिंह, डॉ राहुल गौतम सांख्यिकी विभाग, डॉ वंश गोपाल यादव, श्वेता सोनकर ,डॉ अनूप कुमार सिंह, डॉ शशिकांत सिंह, डॉ उदय शंकर, आदर्श कुमार सिंह सहित बड़ी संख्या में प्राध्यापक मौजूद थे।
