
वाराणसी। प्रधानमन्त्री के संसदीय क्षेत्र में भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक (सिडबी) के सहयोग एवं युवा ग्राम्य विकास समिति के तत्वाधान में में साई इंस्टीट्यूट ऑफ रूरल डेवलपमेंट, बसनी में आजीविका प्रशिक्षण के तहत महिलाओं को काशी विश्वनाथ मंदिर पर अर्पित फूलों से साबुन बनाने का सात दिवसीय प्रशिक्षण का शुभारम्भ हुआ।
कार्यक्रम का शुभारम्भ करते हुए साईं इंस्टिट्यूट के निदेशक अजय सिंह ने कहा कि साबुन हर जगह और हर मौसम में रोज इस्तेमाल किए जाने वाली चीज है, जो सभी जगहों पर आसानी से उपलब्ध होती है लेकिन सर्दियों के मौसम में साबुन का इस्तेमाल करने से स्किन ड्राई और फटी-फटी महसूस होने लगती है क्योंकि बाजारों में मिलने वाली साबुन में कई केमिकल्स युक्त होते हैं, जो कई लोगों की स्किन को सूट नहीं करते हैं और स्किन ड्राई या रूखी हो जाती है. इसलिए आज काशी विश्वनाथ मंदिर पर अर्पित फूलों से महिलाओं के लिए रोजगारपरक ट्रेनिंग की शुरुआत की जा रही रही ताकि महिलाओं को रोजगार भी मिले और पर्यावरण सुधार की दिशा में एक छोटा प्रयास हो सके।
कार्यक्रम में कार्यक्रम में टी.एस. आर. हेल्प के चेयरमैन सूर्य प्रकाश ने कहा कि इन बेकार फूलों को अपसाइकिल करके महिलाये नेचुरल साबुन, अगरबत्ती, धुप और हवन कप बना कर अपनी कमाई कर रही है और लोगो को रोजगार दे है, ये सराहनीय कार्य है। सबसे खास बात ये है कि कई फूलों के रस का इस्तेमाल नेचुरल स्किन केयर प्रोडक्ट्स में किया जाता है, जिसके कोई साइड इफेक्ट नहीं होते हैं और यह स्किन को नेचुरली हेल्दी और ग्लोइंग बनाने में काफी कारगर होता है।
कार्यक्रम में अंकित तिवारी, अनुपमा दुबे, संजय सिंह और राजेश कुमार सहित अम्बे स्वयं सहायता समूह, आशा आजीविका सवयं सहायता समूह की 20 महिलाओं डिम्पल पटेल, रेनू देवी, प्रीतम पटेल, सरिता पटेल, प्रतिमा सिंह एवं निधि सिंह ने भाग लिया ।
