मुंशी प्रेमचंद की कहानी मृतक भोज का पाठ

 

वाराणसी।‌प्रेमचंद मार्गदर्शन केन्द्र ट्रस्ट लमही द्वारा प्रतिदिन आयोजित सुनो मैं प्रेमचंद आडियो प्रसारण के 1035 दिन पूरे होने पर प्रेमचंद की कहानियों के सजीव प्रसारण के प्रेमचंद स्मारक लमही में मुंशी प्रेमचंद की कहानी ” मृतक भोज का सजीव पाठ रंगकर्मी घनश्याम यादव ने किया। घनश्याम का सम्मान प्रकाश श्रीवास्तव व आलोक शिवाजी ने किया। संस्था के निदेशक राजीव गोंड ने कहा कि प्रतिदिन प्रेमचंद की एक कहानी का प्रसारण किया जाता है। प्रेमचंद ने इन समस्याओं को केवल लिखा ही नहीं बल्कि देखा और महसूस भी किया यही कारण है कि प्रेमचंद के कहानी के पात्र गाँव के है। कहानी में परलोक सुधार के नाम पर होने वाले आडंबरों, पति की मृत्यु के बाद दया धर्म के ठेकेदारों के जाल में छटपटाती असहाय विधवा और मासूम, अनाथ बच्चों की त्रासदी की कथा है, क्या वे इन धर्म के ठेकेदारों से लड़ पाए? ऐसी ही अनेक रूढ़ियों और अंधविश्वासों को उजागर करता उत्कृष्ट है यह कहानी। इस अवसर पर पवन पाठक, अजय यादव , ध्रुव कुमार, सुर्यभान, अजय कुमार, देव बाबू, उदय, रोहित, हर्ष सिंह , सुरेश चंद्र दुबे आदि थे।‌ संचालन मनोज कुमार विश्वकर्मा व धन्यवाद ज्ञापन राजेश श्रीवास्तव ने किया।

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