वाराणसी । हजरत रहीम शाह बाबा रहमतुल्लाह अलैह का तीन दिनी सालाना उर्स बाबा के बेनिया स्थित आस्ताने में इस बार 21, 22, व 23 दिसंबर को मनेगा। इस दौरान बाबा के आस्ताने पर फातिहा पढ़ने और मन्नतों की चादर चढ़ाने के लिए अकीदतमंदों का हुजूम उमड़ेगा। बाबा के दर पर हाजिरी के साथ ही तकरीर और नात-ए-पाक का नजराना भी बाबा की शान में पेश किया जायेगा। तीन दिनी उर्स की शुरुआत जुमेरात को हजरत रहीम शाह बाबा के दर पर पाक कुरान की तेलावत से होगा। जोहर की नमाज के बाद महफिल-ए-शमा का आयोजन किया जायेगा। शाम को चादरपोशी और मगरिब की नमाज के बाद मीलाद शरीफ होगा। मीलाद शरीफ में बड़ी तादाद में अकीदतमंद शामिल होते हैं। इस मौके पर तकरीर और लंगर भी चलेगा। सुबह से शाम तक बाबा के दर पर फातिहा पढ़ने वाले आयेगे। आने वालों का खैरमखदम सज्जादानशीन मोहम्मद सैफ रहीमी करेंगे। उर्स को देखते हुए दरगाह को बेहद खूबसूरती से सजाया गया है, तथा आसपास भी सजावट की गई।

निकलेगी चादर होगी कव्वाली

सरपरस्त मोहम्मद शाहिद ने बताया कि 21 दिसंबर को फज्र के बाद कुरआन ख्वानी, जोहर के बाद महफिले समा, असर बाद चादर पोशी, मगरिब बाद मिलाद शरीफ, ईशा बाद तकरीर व लंगर, उसी तरह दूसरे दिन फज्र में कुरआन ख्वानी, बाद नमाज असर ग़ुस्ल मजार शरीफ, बाद नमाज मगरिब सरकारी चादर पोशी व मिलाद शरीफ, बाद नमाज ईशा लंगर व महफिले समा, फिर तीसरे दिन 23 दिसंबर को फज्र में कुरआन ख्वानी के बाद 10:30 बजे कुल शरीफ व बादहु रंग महफ़िल, लंगर फिर बाद नमाज मगरिब महफिले समां होगा। आयोजन में अमन और मिल्लत की दुआएं होगी।

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