
वाराणसी। सपा अर्दली बाजार कार्यालय में गरीबों मजलूमों एवं किसानों के मसीहा देश के पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह की 121वीं जयंती मनायी गयी। इस अवसर पर उनके जीवन दर्शन पर विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। विचार गोष्ठी में वक्ताओं ने कहा कि भारत के पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह ने अपना सम्पूर्ण जीवन किसानों के हित में समर्पित कर दिया था। किसान अपनी मेहनत से धरती का सीना चीरकर अन्न रुपी सोना उगाता है। आज़ादी के बाद किसानों की स्थिति में सुधार के लिए काफी लोगों ने काम किया था। उन्हीं में से एक व्यक्ति थे भारत के पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह। मुख्य अतिथि पूर्व मंत्री व राष्ट्रीय प्रवक्ता वीरेंद्र सिंह ने कहा कि इन्होंने अपना सम्पूर्ण जीवन किसानों के हित में समर्पित कर दिया था। उनके इसी समर्पण को सम्मान देने के लिए 23 दिसंबर 2001 से किसान दिवस की शुरुआत की गई। किसान दिवस मनाने का मुख्य उद्देश्य चौधरी चरण सिंह को श्रद्धांजलि देना है। चौधरी चरण सिंह ने कहा था कि “जब तक किसानों की स्थिति ठीक नहीं होगी, तब तक देश प्रगति नहीं करेगा”।
संचालन करते हुए जिला प्रवक्ता संतोष यादव बबलू एडवोकेट ने कहा कि चौधरी चरण सिंह ने हमेशा भ्रष्टाचार का विरोध किया। उन्होंने कहा था कि“भ्रष्टाचार का अंत ही, देश को आगे ले जा सकता है।” असली भारत गांवों में रहता है। इसलिए गांव और किसानों का विकास जरूरी है।
अध्यक्षता उमाशंकर सिंह यादव और धन्यवाद ज्ञापन आनंद मौर्य ने किया। इस अवसर पर डॉ. नन्दलाल, गोपाल पांडेय, हीरू यादव, संजय पहलवान, पूर्व पार्षद शिवप्रकाश सिंह, रामकुमार यादव,विजय टाटा ,सचिन प्रजापति, अरुण कुमार, आर. पी. यादव, चहेटू गोंड, विजय प्रधान, शम्भू सोनकर, भरत चौहान, राहुल बरनवाल, बंशनरायन, सुनील यादव, रमेश श्रीवास्तव, मो इस्तियाक व विनोद शुक्ला आदि विचार व्यक्त किया।
