
वाराणसी। भारत सरकार द्वारा शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्र के स्थानीय दस्तकारों तथा पारम्परिक कारीगरों के विकास हेतु प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा विगत 17 सितम्बर को प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना का शुभारम्भ किया गया है। योजनान्तर्गत कुल 18 ट्रेड चिन्हित हैं। जिसमें नाव बनाने वाले, बढई, शस्त्र निर्माता, हथौडा एवं टूलकिट निर्माणकर्ता, मूर्तिकार, राजमिस्त्री, टोकरी बुनकर/चटाई बुनकर/झाडू बनाने वाले, सुनार, कुम्हार, दर्जी, लोहार, धोबी, मोची, गुडिया एवं खिलौना निर्माता, नाई, ताला बनाने वाले, मालाकार, मछली पकड़ने का जाल बनाने वाले शामिल हैं।
उपायुक्त उद्योग, जिला उद्योग प्रोत्साहन तथा उद्यमिता विकास केन्द्र ने बताया कि प्रधानमंत्री विश्वकर्म योजना अंतर्गत लाभ प्राप्त करने हेतु आवेदन की शर्तों में असंगठित क्षेत्र के स्वरोजगार के आधार पर उपर्युक्त 18 ट्रेड में परिवार आधारित पारम्परिक व्यवसाय से जुड़ा कार्य करने वाले व्यक्ति, हस्तशिल्पी द्वारा हाथ एवं हस्तचालित यंत्रों के द्वारा कार्य किया जाता हो, न्यूनतम आयु 18 वर्ष, 4-एक परिवार से केवल एक सदस्य (परिवार में केवल पति/पत्नी एवं अविवाहित बच्चा शामिल), भारत सरकार अथवा राज्य सरकार के किसी स्वरोजगार अथवा व्यवसाय विकास योजनान्तर्गत जैसे-प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम, मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार, एक जनपद एक उत्पाद मार्जिन मनी ऋण योजना, प्रधानमंत्री मुद्रा योजना, प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना में विगत 5 वर्ष में ऋण से लाभान्वित न हों। यद्यपि मुद्रा योजना एवं स्वनिधि योजनान्तर्गत पूरा ऋण चुकाने वाले व्यक्ति आवेदन करने के पात्र होंगे। 5 वर्ष अवधि की गणना ऋण स्वीकृत की अवधि से की जायेगी, परिवार का कोई सदस्य सरकारी नौकरी में न हों, शामिल है। त्रिस्तरीय सत्यापन के पश्चात पात्र पाये गये कारीगरों को प्राप्त होने वाले लाभ अग्रलिखित हैं-प्रशिक्षार्थियों को
प्रमाण-पत्र एवं पहचान-पत्र, कौशल उन्नयन प्रशिक्षण (5 से 7 दिन का बेसिक प्रशिक्षण, 15 दिन का एडवान्स प्रशिक्षण) मानदेय, रू0 500/-प्रतिदिन टूलकिट खरीदने हेतु रू० 15000/- का ई-बाउचर,5 प्रतिशत ब्याज की दर पर गारण्टी रहित पहली बार में रू0 1.00 लाख तक की ऋण सहायता जिसे 18 महिने में चुका देने पर दूसरी बार रू0 2.00 लाख तक
का ऋण प्राप्त हो सकता है। डिजिटल लेन-देन प्रोत्साहन हेतु प्रति लेन देन 1 रू०, अधिकतम
100 रूपये प्रतिमाह प्रोत्साहन राशि तथा विपणन सहायता प्रदान की जानी है। योजनान्तर्गत आवेदन किये जाने हेतु आवश्यक अभिलेख में पासपोर्ट साइज फोटो, आधार कार्ड, राशन कार्ड (नहीं होने की दशा में परिवार के सभी सदस्यो का आधार कार्ड) बैंक खाता विवरण, मोबाइल नम्बर (जो आधार से लिंक हो) शामिल हैं। जनपद में योजना के अन्तर्गत पंजीकरण प्रारम्भ हो चुका है कोई भी पात्र व्यक्ति जन सेवा केन्द्र के माध्यम से pmvishwakarma.gov.in पर निःशुल्क आवेदन किया जाता हैं।
