
वाराणसी। अर्दली बाजार स्थित समाजवादी पार्टी के जिला कार्यालय में गरीबों मजलूमों एवं किसानों के मसीहा समाजवादी चिंतक लोकबंधु राजनारायण की 37वीं पुण्यतिथि मनायी गयी। इस अवसर पर लोकबंधु राजनारायण के जीवन दर्शन पर एक विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। वक्ताओं ने कहा कि लोकबंधु राजनारायण समाजवादी नेता थे। वह हमेशा आम आदमी के हित की बात करते थे। भारतीय लोकतंत्र व राजनीति में इनकी बेहतरी के लिए उन्होंने आजीवन संघर्ष किया। सभी समाजवादी साथी यह संकल्प लें कि हमेशा लोक बंधु राज नारायण के बताए मार्ग पर चलकर समाजवाद का प्रचार प्रसार करते रहेंगे। अध्यक्षता करते हुए जिलाध्यक्ष सुजीत यादव लक्कड़ ने कहा कि राजनारायण जी एक उदार समाजवादी नेता थे। उन्होंने जातिवाद और साम्प्रदायिकता से ऊपर उठकर पूरी मानवता के लिये बेहतर काम किया। इसलिये तमाम समकालीन नेताओं के बीच ध्रुवतारा की तरह वो चमकते रहे। उन्होंने छुआछूत का भी विरोध किया। वाराणसी के काशी विश्वनाथ मंदिर में दलितों के प्रवेश के लिए आंदोलन कर दलितों को विश्वनाथ मंदिर में प्रवेश दिलाया। संचालन करते हुए जिला प्रवक्ता संतोष यादव बबलू ने कहा कि राजनरायण जी 69 साल की उम्र में 80 बार जेल गए। उन्होंने जेल में अपनी उम्र के कुल 17 साल बिताया। जिसमें तीन साल आजादी से पहले और 14 साल आजादी के बाद। उन्होंने कहा कि भारतीय राजनीति मे राजनारायण ही ऐसी शख्सियत हैं, जिसके कारण केंद्र में पहली बार गैर कांग्रेसी सरकार बनी।
इस अवसर पर युवजन सभा के प्रदेश महासचिव अजय फौजी, विनोद यादव, हीरू यादव, गोपाल पांडेय, डॉ. फैसल रहमान, रामकुमार यादव, धर्मवीर सिंह पटेल, रविन्द्र यादव, विजय टाटा,आशीष कुमार, रवि यादव कल्लू, संजय सोनकर, अमन यादव, राहुल कुमार, राजू यादव, विनोद शुक्ला, राजकुमार सिंह, इफ्तिखार अहमद आदि थे।
