
वाराणसी। डीएवी पीजी कॉलेज के अंग्रेजी विभाग के तत्वावधान में मूल्य वर्धित पाठ्यक्रम के अंतर्गत संचालित फ़िल्म एवं कल्चर कोर्स द्वारा बुधवार को विशिष्ट व्याख्यान का आयोजन किया गया। मुख्य वक्ता काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के सहायक प्रो. विपिन कुमार कदावत ने कहा कि वर्तमान समाज मे फ़िल्म और कल्चर एक दूसरे के पूरक है, फिल्मों के जरिये संस्कृति को संवर्धित एवं प्रचारित किया जाता है। इसका एक उद्देश्य समाज के वंचितों और शोषितों के लिए आवाज उठाना भी रहा है। संस्कृति एक परिवर्तनशील प्रक्रिया है जिसे फिल्मों के जरिये उसे समाज के सामने लाया जाता है। डॉ. विपिन ने कहा की फिल्में मनुष्य के मनोभावों को उद्धेलित करती है, इसलिए उनका समाज पर गहरा प्रभाव पड़ता है यह एक प्रतिबिंब की भाँति है। उन्होंने कहा कि भारतीय सिनेमा मे विषय प्रधान के साथ साथ कल्पना आधारित, मनोविज्ञान आधारित एवं सत्य घटनाओं पर आधारित फिल्मों का चलन ज्यादा रहा है।
इसके पूर्व वक्ता का स्वागत विभागाध्यक्ष डॉ. इंद्रजीत मिश्रा ने किया। विषय स्थापना डॉ. महिमा सिंह ने किया। संचालन साकेत मिश्रा ने किया। इस मौके पर डॉ. संगीता जैन, डॉ. बंदना बालचंदनानी, डॉ. नजमूल हसन, सुश्री संस्कृति आदि सहित बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।
