
वाराणसी। श्री सर्वेश्वरी समूह अवधूत भगवान राम कुष्ठ सेवा आश्रम,
पड़ाव में मंगलवार को कुष्ठ निवारण दिवस संस्था के अध्यक्ष संभव राम के निर्देशन में श्रद्धापूर्वक मनाया गया I
*सुपथ्य के अनुपालन से हम स्वस्थ रह सकते हैं*
वाराणसी। मानसिक और शारीरिक रूप से स्वस्थ रहने के लिए हमें उचित खान-पान और रहन-सहन की जरुरत पड़ती है I यहाँ पर रहकर अपनी चिकित्सा करा रहे मरीज खान-पान और परहेज सम्बन्धी निर्देशों का पालन कर शीघ्र स्वास्थ्य लाभ प्राप्त करते हैं I बाहर अपने घर पर रहकर यहाँ से औषधि लेकर अपनी चिकित्सा करवाने वाले मरीजों को उचित परामर्श दिया जाता है। बताये गए पथ्य का सेवन करते हैं वह जल्दी स्वस्थ हो जाते हैं। जो चीजें आपके रोग को बढाती हैं उन चीजों को हमारे यहाँ रोगियों को बिलकुल भी नहीं दिया जाता है। यह भी देखने में आता है कि कई लोग थोडा सा स्वस्थ होने के बाद अपने घर चले जाते हैं और कुपथ्य का सेवन करके अपने रोग को कई गुना बढ़ाकर फिर यहाँ आते हैं, तो उनको ठीक होने में ज्यादा समय लग जाता है I हम तो यही चाहते हैं कि आप जल्दी-से-जल्दी स्वस्थ होकर अपने घर को लौटें I
अपराह्न साढ़े तीन बजे संभव राम की उपस्थिति में आयोजित इस गोष्ठी की अध्यक्षता अवकास प्राप्त अपर स्वास्थ्य निदेशक डॉ. वीपी सिंह ने किया। समूह के उपाध्यक्ष डॉ. ब्रजभूषण सिंह,प्रधान चिकित्सक वैद्य बैकुंठ नाथ पाण्डेय, डॉ. अनिल कुमार सिंह, डॉ. विजय प्रताप,डा.बामदेव पांडेय ,डॉ.राजेश कुमार पाण्डेय ने विचार व्यक्त किए।
आश्रम द्वारा पीड़ित उपेक्षित जनों की सेवा के बारे में विस्तार से बताया और कहा कि अघोरेश्वर महाप्रभु ने पीड़ित मानवता की सेवा को ही सबसे बड़ा धर्म और पूजा-पाठ कहा है I संचालन पारस नाथ यादव,धन्यवाद ज्ञापन सुरेश सिंह ने किया । गोष्ठी के पश्चात् कुष्ठी बंधुओं व माताओं में फल-बिस्कुट आदि का वितरण किया गया I इससे पूर्व इस अवसर पर प्रातःकालीन सफाई एवं श्रमदान के उपरांत पूर्वाह्न 10 बजे कुष्ठी बंधुओं में नवीन वस्त्र वितरित किया गया I इसके अलावा पंजाब नेशनल बैंक, वाराणसी परिक्षेत्र के मंडल प्रमुख श्री राजेश कुमार जी और पीएनबी के ही राजभाषा अधिकारी श्री सुशांत जी ने अवधूत भगवन राम कुष्ठ सेवा आश्रम के मरीजों को कम्बल तथा उनके घावों की पट्टी-मलहम के लिए ड्रेसिंग सामग्री और एक ह्वील चेयर प्रदान किया गया I संभव राम के निर्देशन में कुष्ठ आश्रम द्वारा कुष्ठ रोगियों को पूर्ण स्वस्थ्य लाभ प्रदान किया जा रहा है। विदित हो कि अब तक लाखों कुष्ठ रोगियों को प्राचीन भारतीय चिकित्सा (आयुर्वेदिक और फकीरी) पद्धति से स्वास्थ्य लाभ देकर समाज में ससम्मान प्रतिष्ठित करने के लिए गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड्स और लिम्का बुक ऑफ रिकार्ड्स में अंकित किया गया है। इस आश्रम द्वारा अब तक साढ़े चार लाख (4,50000) से अधिक कुष्ठी बंधुओं को पूर्णतया स्वास्थ्य लाभ दे दिया गया है।
