वाराणसी। प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ के द्वारा पहल किए जाने के बाद सीमैप लखनऊ के तकनीकी और सिडबी के वित्तीय सहयोग से युवा ग्राम्य विकास समिति द्वारा संचालित साई इंस्टीट्यूट ऑफ रूरल डेवलपमेंट वाराणसी के तत्वाधान में बसनी में आजीविका प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत काशी के मंदिरों में अर्पित फूल अब महिलाओं के लिए रोजगार का एक अच्छा साधन बनते जा रहे हैं। चढ़ाए गए फूलों की नियति अब कचरे में फेंका जाना और नदी में बहाया जाना नहीं होगा। इन फूलों से महिलाओं को प्रशिक्षित करके उन्हें रोजगार के अवसर प्रदान करना एक सराहनीय कार्य है। सीमैप लखनऊ में आयोजित किसान मेला में मुख्यमंत्री योगीनाथ ने साई इंस्टीट्यूट के स्टॉल पर बने प्रोडक्ट अवलोकन करने के दौरान कही। इस अवसर पर साईं इंस्टीट्यूट के निदेशक अजय सिंह ने मुख्यमंत्री को महिलाओं के द्वारा बनाए गए प्रोडक्ट की जानकारी दी और महिलाओं के द्वारा किए जा रहे कार्यों की प्रगति के बारे में अवगत कराया। इस अवसर पर प्रदेश सरकार के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही, सीएसआईआर की सचिव एवं डीएसआईआर की महानिदेशक डा. एन. कलाईसेल्वी, सीमैप के निदेशक प्रबोध कुमार त्रिवेदी, मुख्य साइंटिस्ट डा. रमेश श्रीवास्तव शामिल थे।

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