
वाराणसी। दी इंस्टिट्यूट ऑफ़ चार्टर्ड एकाउंटेंट्स ऑफ़ इंडिया की वाराणसी शाखा द्धारा शनिवार को ICAI स्टार्ट अप संवाद एम.एस.एम.ई को विलंबित भुगतान पर धारा 43बी (एच) का प्रभाव पर एक सेमिनार सिगरा स्थित होटल में में हुआ। स्वागत शाखा अध्यक्ष सीए. अनिल कुमार अग्रवाल ने और धन्यवाद ज्ञापन शाखा सचिव सीए नीरज कुमार सिंह ने किया।अध्यक्षता सीए.गंगेश्वर धर दुबे व संचालन सीए. साक्षी वर्मा ने किया गया। मुख्य वक्ता सी.ए. पंकज शाह ने बताया की एमएसएमई और स्टार्ट-अप समिति देश में आयकर अधिनियम धारा 43B(h) में संशोधन के तहत, FY 2023-2024 से स्मॉल और माइक्रो इंटरप्राइजेज (MSME) को समय पर भुगतान करने का नया नियम लागू हो चूका है। यदि आपने MSME मे रजिस्टर्ड मैन्युफैक्चरिंग इकाई से माल खरीदा है या सर्विसेज ली है, तो इस नियम के तहत आपको उनके साथ पेमेंट एग्रीमेंट करने का प्लान अनिवार्य रूप से करना होगा। आयकर अधिनियम की धारा 43B(h) में MSME के भुगतान का समय स्माल एवं माइक्रो इंटरप्राइजेज (MSME) को समय पर भुगतान करने को बढ़ावा देने के लिए, बजट 2023 में केंद्र सरकार ने आयकर अधिनियम की धारा 43B(h) के दायरे में स्माल एवं माइक्रो इंटरप्राइजेज (MSME) को किए गए भुगतान को शामिल किया गया है। बताया की इस प्रावधान के अनुसार यदि आपने किसी ऐसे सप्लायर से माल ख़रीदा है या सर्विसेज ली है जो MSME है और आपके और उसके बीच में पेमेंट को लेकर कोई अग्रीमेंट है तो आपको उसका पेमेंट एग्रीमेंट में दिए गए समय पर करना है और अगर वो समय सीमा 45 दिनों से ज्यादा है तो आपको ज्यादा से ज्यादा 45 दिनों में करना है। एग्रीमेंट की समय सीमा 45 दिनों से कम हो सकती है लेकिन ज्यादा नहीं हो सकती। इस अवसर पर पूर्व शाखा अध्यक्ष सीए सोमदत्त रघु,शाखा उपाध्यक्ष सौरभ शर्मा, शाखा कोषाध्यक्ष सीए वैभव मेहरोत्रा, शाखा सिकासा अध्यक्ष विकाश द्विवेदी, पूर्व अध्यक्ष रवि सिंह, सीए पी के अग्रवाल, सीए मुकुल शाह, सीए सुदेशना बसु, सीए शशि रंजन, सीए अमित गुप्ता, सीए एस एन सिंह, सीए विजय प्रकाश,सीए मनोज निगम, सीए विष्णु अग्रवाल,सीए कौशल पांडे, सीए पोरस सिंह, सीए आकाश चौरसिया, सीए सचिन जालान आदि थे।
