
प्रयागराज। माघ मेला क्षेत्र बुधवार को स्वतः स्फूर्त ‘गौ माता राष्ट्र माता प्रतिष्ठा आंदोलन’ द्वारा मेला बंदी के लिए नियत किया गया था। जिसके तहत परमाराध्य परमधर्माधीश ज्योतिष्पीठाधीश्वर जगद्गुरु शङ्कराचार्य स्वामि श्री: अविमुक्तेश्वरानन्द: सरस्वती ‘1008’ जी महाराज के आह्वाहन पर प्रयागराज माघ मेला क्षेत्र में स्वैच्छिक मेला बन्दी की गयी। उन्होंने सभी कल्पवासियों, शिविराचार्यों, संतों महात्माओं से अपील की कि मेला क्षेत्र में लगे सभी शिविरों में से लोग गौमाता के सम्मान में अपने अपने शिविर द्वार के बाहर निकल कर कम से कम पांच मिनट के लिए मौन खड़े होंगे। ‘राष्ट्रमाता गौमाता की जय हो’ के नारे से मौन भंग करेंगे। स्वैच्छिक मेला बंदी के माध्यम से महाराजश्री मानते हैं कि गत मंगलवार को हुई प्रथम गौ संसद के निर्णयों की पुष्टि आम जन मानस द्वारा स्वतः अनुसरण में लायी जाये इसलिए उन्होंने आदेश नहीं दिया बल्कि आग्रह किया। इसका असर भी मेला क्षेत्र में देखने को मिला।
दोपहर 12 बजे शंकराचार्य शिविर के बाहर श्रद्धालुओं की भीड़ इकट्ठी हुई जिसे जगद्गुरु महाराज ने अपनी पर्णकुटी से संबोधित किया और आशीर्वाद भी दिया।
उन्होंने कहा कि भारतीय नस्ल की एक गाय छह लोगों के एक परिवार का पालन करने की क्षमता रखती है। स्वदेशी रामा गौ से प्राप्त होने वाला दूध ही नहीं गोमूत्र और गोबर भी परिवार को आर्थिक रूप से सुदृढ़ करने में बहुत ही सहायक है।
