
वाराणसी। डीएवी पीजी कॉलेज के राष्ट्रीय सेवा योजना की तीन इकाईयों द्वारा चल रहे सात दिवसीय विशेष शिविर के छठवें दिन शुक्रवार को स्वयंसेवकों ने काशी हिन्दू विश्वविद्यालय स्थित भारत कला भवन संग्रहालय का भ्रमण किया। कार्यक्रम अधिकारी डॉ. बंदना बालचंदनानी, डॉ. प्रतिभा मिश्रा एवं डॉ. कल्पना सिंह के निर्देशन में स्वयंसेवकों ने पुरातात्विक महत्व की वस्तुओं का अवलोकन किया। यहाँ उन्होंने भारत के प्राचीन इतिहास की शिल्पकला, हस्तकला, मूल पांडुलिपियां एवं पुरातात्विक वस्तुओं को बारीकी से देखा। संग्रहालय के अध्यक्ष स्वतंत्र कुमार सिंह ने सबको पुरातात्विक साक्ष्यों का विवरण दिया। जिसमें दूसरी शताब्दी ईसा पूर्व से लेकर 14 वीं – 15 वीं शताब्दी तक के विभिन्न कालों के जैन ,बौद्ध, शैव, वैष्णव संस्कृति के साक्ष्य उपलब्ध है। इसमें विशेष प्रदर्शनी के दौरान रामायण कालीन संस्कृति को प्रदर्शित करने हेतु रामलीला के अलंकरण एवं रामचरितमानस की प्राचीन पांडुलिपियों एवं राम दरबार , दशावतार की मूर्तियों के विषय मे भी छात्रों का ज्ञानवर्धन किया
इस मौके पर इतिहास विभाग के डॉक्टर संजय कुमार सिंह ने महापुरुषों के भारतीय इतिहास, कला, संस्कृति के क्षेत्र में योगदान विषय पर चर्चा की। इस अवसर पर शताधिक स्वयंसेवकों ने भागीदारी की।
