
वाराणसी। पाँच वर्ष से छोटे बच्चों में कुपोषण एक बड़ी समस्या है। कुपोषण को समाप्त करने के
लिए पौष्टिक आहार के साथ-साथ स्वच्छ पेयजल, शौचालय एवं समुचित चिकित्सकीय देखभाल
की भी आवश्यकता है। बाल विकास परियोजना अधिकारी विभागीय योजनाओं से आगे बढ़कर सोचें और कुपोषित बच्चों के परिवारो को अन्य सरकारी योजनाओं जैसे- जॉब कार्ड, लेबर कार्ड, राशन कार्ड, शौचालय, आवास इत्यादि भी जोड़े। जब एक बच्चे और उसके परिवार की ट्रैकिंग होगी, तभी कुपोषण पर विजय पायी जा सकती है।
उपरोक्त बातें जिलाधिकारी एस. राजलिंगम ने शुक्रवार को आयोजित आई०सी०डी०एस० की मण्डलीय गोष्ठी मे कही। आंगनबाड़ी केन्द्रों के कायाकल्प, नये केन्द्रों के निर्माण एवं बेबी फ्रेण्डली बनाने के उद्देश्य से मण्डल वाराणसी के चारो जनपदों के बाल विकास विभाग, बेसिक शिक्षा विभाग, चिकित्सा, पंचायती राज, ग्राम विकास एवं ग्रामीण अभियन्त्रण विभाग के जनपदीय एवं ब्लाक स्तरीय अधिकारियों की एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन मण्डलायुक्त सभागार में किया गया था। कार्यक्रम का उद्घाटन जिलाधिकारी एस. राजलिंगम द्वारा दीप प्रज्जवल करके किया गया। कार्यशाला में निदेशालय बाल विकास एवं पुष्टाहार लखनऊ से ए०ओ० अनूप कुमार मिश्र ने विभागीय कार्यक्रमो का प्रस्तुतीकरण किया उन्होने आई०सी०डी०एस० वाराणसी में सी०एस०आर० फण्ड से करायें गये कार्यो की सराहना की और कार्पोरेट घरानो से आवाहन
किया की मण्डल के अन्य जनपदों में भी सी०एस० आर० मद से कार्य करायें। कार्यशाला में आंगनबाड़ी केन्द्रों को बेबी फ्रेण्डली बनाने हेतु तकनीकी प्रशिक्षण युनिसेफ उ0प्र0 के तकनीकी सलाहकार शशि मोहन उप्रेती द्वारा विस्तार से दिया गया। आंगनबाड़ी केन्द्रों
को बेबी फ्रेण्डली बनाने के लिए उसे 18 पैरामीटर पर संतृप्त करना है, जिसमे मुख्य रूप से बेबी फ्रेण्डली शौचालय, बच्चो के लिए यूरिनल मल्टीपल हैण्डवास यूनिट रैम्प, हवादार कक्ष, शौचालयों में अविरल जलापूर्ति इत्यादि सम्मिलित है।
कार्यशाला में संयुक्त विकास आयुक्त एस. के. सिंह, अपर निदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य
डा० मंजूला सिंह, सहायक निदेशक बेसिक शिक्षा के साथ-साथ मण्डल के चारों जनपदों के जिला कार्यक्रम अधिकारी, जिला पंचायत राज अधिकारी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, समस्त खण्ड विकास अधिकारी, समस्त बाल विकास परियोजना अधिकारी, समस्त खण्ड शिक्षा अधिकारी तथा वेदांता, रिलाइन्स सहित अन्य सी०एस०आर० पार्टनर उपस्थित है।
