
वाराणसी। प्रेमचंद की यह कहानी अलग्योझा का उद्देश्य समाज में खुशहाल आदर्शवादी परिवार मिलता है, यानी बेहतर भविष्य को लेकर एक सुझाव और यह भी सिद्ध होता है कि साहित्य समाज का दर्पण है, उसका प्रतिनिधित्व करता है। मुंशी प्रेमचंद मार्गदर्शन केंद्र ट्रस्ट लमही की ओर से प्रेमचंद स्मारक लमही में आयोजित दैनिक कार्यक्रम सुनों मैं प्रेमचंद के 1105 दिन पूरे होने पर प्रेमचंद की कहानी अलग्योझा का पाठ प्रगति राय ने किया। स्वागत राजीव गोंड, संचालन मनोज विश्वकर्मा, धन्यवाद ज्ञापन राजेश श्रीवास्तव ने किया। इस अवसर पर डिप्टी कमिश्नर सेल टैक्स डा. शमशेर जगदम्बनी,डा. नीरज कुमार वत्स, डा. शिक्षा वत्स, जयप्रकाश गर्ग, पुष्पा, बेबी, वल्लिका नियति,अजय यादव, देव बाबू, प्रिंस कुमार, राजेश कुमार, राहुल यादव अरविंद कुमार,सुरेश चंद्र दूबे आदि थे।
