
वाराणसी। डीएवी पीजी कॉलेज एवं सिफ़सा के संयुक्त तत्वावधान में विद्यार्थियों हेतु पीयर एजुकेटर सम्बंधित कार्यशाला आयोजित की गई। युवाओं को मानसिक स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने एवं समाज मे किसी अन्य को समस्याग्रस्त देखकर उसे उचित परामर्श स्थल पर पहुँचा कर समस्या के समाधान करने हेतु जागरूक करने के उद्देश्य से कार्यशाला का आयोजन किया गया।
कार्यशाला के प्रथम सत्र में डा.अखिलेन्द्र कुमार सिंह ने व्यक्ति द्वारा ग्रहण किये जाने वाले भोजन का स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रभाव को बताया। विद्यर्थियों को स्वास्थ्यपरक भोजन को समझने और उपयोग करने के सही तरीको को स्पष्ट किया। उन्होंने मानसिक व शारीरिक स्वास्थ्य का उत्तम नींद, शारीरिक व्यायाम एवं अपनाए जाने वाले आदतों के परस्पर सम्बन्धो को व्यवहारिक रूप से स्पष्ट किया।
द्वितीय सत्र में प्रोफेसर ऋचारानी यादव द्वारा तनाव प्रबंधन हेतु अपनाए जाने वाले विभिन प्रयुक्तियों को समझाया। इन्होंने मानसिक स्वाथ्य को प्रभावित करने वाले अनेक कारकों को स्पष्ट करते हुए उनसे बचने के उपाय भी बताए तथा मादक व्यसनों के होने के कारणों को विस्तार से बताते हुए, व्यसन रहित जीवन शैली अपनाने के अनेक उपायों को सुझाया। तृतीय सत्र में डॉ. कल्पना सिंह ने समाज मे मानसिक समस्याओ को लेकर व्याप्त भ्रंतियों को विस्तार से बताते हुए व्याप्त भ्रांतियों को दूर करने के अनेकों उपाय स्पष्ट किया। अंतिम सत्र में डॉ. राजेश कुमार झा ने सुरक्षित व सकारात्मक वातावरण का व्यक्ति के स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रभाव पर व्याख्यान दिया। तकनीकी युग मे बढ़ते यौन शोषण के मामले से सम्बंधित मनोवैज्ञानिक कारणों व इससे बचने के उपायों को बताया।
वहीं कॉलेज में ही आयोजित एक अन्य कार्यक्रम में राष्ट्रीय सेवा योजना और सिफ्सा के संयुक्त तत्वावधान में युवाओं के लिए दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रारंभ हुआ। कार्यशाला प्रशिक्षण के पहले दिन विभिन्न विशेषज्ञों ने मानसिक स्वास्थ्य विषय पर अपनी बात रखी। उन्होंने किशोरावस्था और युवावस्था पर चर्चा की और बताया की युवावस्था जीवन का एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। इस समय में महत्वूपर्ण शारीरिक, मानसिक, सामाजिक, मनोवैज्ञानिक एवं व्यवहारिक परिवर्तन होते हैं। इन परिवर्तनों के कारण युवाओं और उनके आस-पास के लोगों में भी विशेष तनाव होता है जो उन और वयस्कों के सम्बंधो को भी प्रभावित करता है। कार्यक्रम का संयोजन डॉ. शशिकांत यादव ने किया। कार्यक्रम में 60 से अधिक छात्र शामिल हुए।
