वाराणसी।इस भीषण गर्मी में जहां एक तरफ जन जीवन अस्त – व्यस्त हैं लोग पेड़ लगाने कि अपील कर रहे हैं, जहां जल ही जीवन है जिसे पुण्य कर्म समझा जाता है वहीं उत्तर प्रदेश आवास एवं विकास परिषद् वाराणसी के अवर अभियन्ता बालेश्वर जी जो कि अपने को सरकारी गेस्ट हाउस का मालिक कहते हैं उन्होने अपना अमानवीय चेहरा दिखाया, मामला कुछ इस प्रकार हैं कि भीषण गर्मी को देखते हुए कबीर नगर दुर्गाकुण्ड वाराणसी के कई समाज सेवक विगत कई वर्षों से पार्क व रोड के किनारे पौधारोपण एवं संरक्षण का कार्य करते आ रहे हैं जिसमे आम जनमानस का सहयोग भी रहता है इसी क्रम में जब पानी के लिए सरकारी गेस्ट हाउस कर्मचारी श्यामलाल से बात कि गयी तो वो अभद्र भाषा का प्रयोग करने लगा जब इसकी शिकायत अवर अभियंता बालेश्वर जी से कि गयी तो वह कर्मचारी का पक्ष लेते पौधों कि सिचाई करने के लिए पानी नही देने एवं अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए कहने लगे कि मै मालिक हूं। इस सरकारी गेस्ट हाउस का और मेरा मन जो करेगा वो मै करूंगा, जहां एक तरफ प्रदेश के मुख्यमंत्री एवं प्रधानमंत्री पौधारोपण एवं संरक्षण का नारा देते हैं वहां सरकारी अफसर कि तानाशाही कब तक चलेगी जल्द ही जनप्रतिनिधियों से मिलकर इनके खिलाफ आवाज उठानी पड़ेगी।
