वाराणसी। प्रेमचंद मार्गदर्शन केंद्र ट्रस्ट लमही की ओर से प्रेमचंद स्मारक स्थल लमही में आयोजित सुनों मैं प्रेमचंद कहानी पाठ में प्रेमचंद की स्वतंत्रता संग्राम पर आधारित कहानी अधिकार चिंता का पाठ रंगकर्मी व अध्यापक कन्हैया लाल ने किया। स्वागत और सम्मान प्रकाश चंद्र श्रीवास्तव व निदेशक राजीव गोंड ने किया। कहा कि विश्व पटल पर हिंदी साहित्य के सजग कलम के सिपाही, प्रेमचंद की कहानियाँ सामाजिक एवं साहित्यिक सरोकारों को उजागर करने वाले संवेदनशील कृति है। समाज की ऐसी अभिव्यक्ति हैं जो आम-जन को यथास्थिति से निजात पाने के लिए प्रेरित करती हैं। आज की कहानी अधिकार चिन्ता’ प्रेमचंद की एक ऐसी कहानी है, जिसमें वे जानवरों के माध्यम से अंग्रेजों की कूटनीति का खुलासा करते हैं। जिस प्रकार अंग्रेज ‘फूट डालो राज करो’ के सिद्धान्त पर चल रहे थे, बिलकुल उसी प्रकार टामी भी चलता है। प्रेमचंद लिखते हैं, “टामी ने एक नयी चाल चली और भी कोई संदर्भ इस कहानी में मिलते हैं। इस अवसर राहुल विश्वकर्मा,अरविंद कुमार, आयुष श्रीवास्तव, सुरेश चंद्र दूबे, प्रकाश, स्नेहा श्रीवास्तव, राहुल यादव, आदि ने कहानी सुनी। स्वागत राजेश श्रीवास्तव,संचालन मनोज विश्वकर्मा ने किया।

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