
नरेंद्र नाथ मिश्र ने किया मुंशी प्रेमचंद की कहानी अनाथ लड़की का पाठ
वाराणसी। प्रेमचंद की कहानियाँ पाठक को झकझोर देती हैं। प्रेमचंद की कथाओं में मानवीय सम्वेदनाओं को प्रमुखता मिली है, वे कहानियों में बालमन के भावों को कुशलता से परोसकर पत्रों के मध्यम से उन्हीं के परिवेश की भाषा में उनके समाज का पूरा सच अभिव्यक्त कर देते हैं। यह बातें साहित्यकार डा.रामसुधार सिंह ने रविवार को प्रेमचंद स्मारक स्थल लमही में मुंशी प्रेमचंद मार्ग दर्शन केंद्र की ओर से आयोजित सुनों मैं प्रेमचंद कहानी पाठ के 1245 दिवस पूर्ण होने पर कहा। प्रेमचंद की बालिका शिक्षा पर आधारित कहानी अनाथ लड़की का पाठ सोच विचार पत्रिका के संपादक नरेंद्र नाथ मिश्र ने किया। सम्मान ट्रस्ट के संरक्षक प्रो राम सुधार सिंह, प्रो श्रद्धानन्द, ओम धीरज, सुरेंद्र बाजपेई व निदेशक राजीव गोंड ने किया। इस अवसर पर समाजसेवी/पत्रकार अरविन्द विश्वकर्मा को प्रेमचंद मित्र से सम्मानित किया गया। इस अवसर , सुरेन्द्र वाजपेई, गिरिश पाण्डेय, कलिंद्र, आलोक शिवाजी, शक्ति कुमार सिंह, संजय श्रीवास्तव, अरविंद विश्वकर्मा, अजय कुमार यादव, राकेश वर्धन, मानव सिंह, प्रांजल श्रीवास्तव आदि ने कहानी सुनी। स्वागत डा. संजय श्रीवास्तव व संचालन आयुषी दूबे और धन्यवाद ज्ञापन कंचन सिंह परिहार ने किया।
