
वाराणसी। प्रेमचंद मार्गदर्शन केंद्र लमही द्वारा प्रेमचंद स्मारक स्थल लमही में आयोजित सुनों मैं प्रेमचंद कहानी पाठ में प्रेमचंद की मनोवैज्ञानिक कहानी पिसनहारी का कुआँ का पाठ कवयित्री डाॅ. रचना शर्मा ने किया।सम्मान ट्रस्ट के संरक्षक डाॅ. मनोज कुमार श्रीवास्तव, प्रकाश चंद्र श्रीवास्तव व निदेशक राजीव गोंड ने किया। संस्था के निदेशक राजीव गोंड ने कहा कि प्रेमचंद की कहानी पिसनहारी का कुआं यथार्थवाद सामाजिक दायित्व को भावुकता से तवज्जो देने के कारण प्रेमचंद मनोविश्लेषण में उतने सफल है हालांकि उनकी कहानियां घटनाओं से अधिक चरित्र-चित्रण पर ज्यादा जोर देती है। फिर भी उनकी कुछ कहानियों में वस्तु जगत एव अन्तर्जगत के यथार्थ का अच्छा संयोग है। मनोवैज्ञानिक यथार्थ की दृष्टि से पिसनहारी का कुआ कहानी का उल्लेख है। प्रेमचंद के यथार्थवाद का असली प्रतिनिधित्व करने वाली यह कहानी उन समस्याओं का यथार्थवादी चित्रण करने की कोशिश करते दिखाई पढते है। अनन्या राय को प्रेमचंद मित्र से सम्मानित किया गया। इस अवसर रूद्र प्रकाश सिंह, प्रांजल श्रीवास्तव, संजय श्रीवास्तव, देवनागरी प्रसाद, राहुल विश्वकर्मा, सुर्यभान सिंह, कहकशा नाज, आयुष दूबे, आदि ने कहानी सुनी। स्वागत सुरेश चंद्र दूबे ने किया। संचालन आयुषी दूबे व धन्यवाद डा मनोज कुमार श्रीवास्तव ने किया।
