
वाराणसी महानगर के राम कटोरा काशी सेवा समिति के महामना मालवीय सभागार में काशी हिन्दी विद्यापीठ के कुलसचिव एवं अखिल भारतीय लेखक कवि कलाकार परिषद् के संस्थापक कवि इन्द्रजीत तिवारी निर्भीक के प्रमुख संयोजन, काव्य भूषण डॉ. राम अवतार पाण्डेय एडवोकेट के मुख्य संरक्षण में 12 मार्च 2026 को प्रयागराज के पूर्व जिला न्यायाधीश एवं अंतर्राष्ट्रीय गज़लकार डॉ.चन्द्रभाल सुकुमार जी के अध्यक्षता में आकाशवाणी वाराणसी के पूर्व उपनिदेशक डॉ.राजेश कुमार गौतम ने बांसुरी वादन करके तीन दिवसीय आयोजन में चार चांद लगाया।
मुख्य अतिथि द्वय-कवि नन्दलाल मणि त्रिपाठी पीताम्बर एवं फिल्म निर्माता, निर्देशकएवं गीतकार संतोष कुमार सिंह और नेपालगंज – नेपाल के प्रोफेसर, डॉ. हरिप्रसाद तिमिलसिना प्रमुख अतिथि द्वय के गरिमयी उपस्थिति में काशी हिन्दी विद्यापीठ के कुलाधिपति सुखमंगल सिंह मंगल ने – अलीगढ़ के कवि प्रेम किशोर पटाखा, डॉ. चन्द्रभाल सुकुमार और फिल्म निर्माता संतोष कुमार सिंह को भारत-गौरव विशेष मानद सम्मान एवं विद्या – वाचस्पति विशेष मानद सम्मान भी विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े लोगों को भेंट किया ।
कवि सिद्धनाथ शर्मा सिद्ध के संचालन में अखिल भारतीय कवि सम्मेलन, गायन, वादन नृत्य के दौरान अनेकों लोगों को भारत -नेपाल साहित्यिक/ सांस्कृतिक स्मृति सम्मान -2026 भेंट किया गया।
विशिष्ट अतिथि डॉ. ओमप्रकाश पाण्डेय निर्भय, राष्ट्रीय रामायण मेला भाटापारा छत्तीसगढ़ के संस्थापक एवं अंतर्राष्ट्रीय कलाकार ठाकुर ललित सिंह ललित थे।
आयोजन के दूसरे दिन कार्यक्रम का शुभारंभ फिरोजाबाद के पूर्व सांसद एवं अंतर्राष्ट्रीय कवि प्रोफेसर ओमपाल सिंह निडर और नेपाल के नेपाल गंज के प्रोफेसर हरिप्रसाद तिमलसिना प्रमुख अतिथि द्वय ने मां भारती के तैल चित्र पर माल्यार्पण करके संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय पुरातन दर्शन विभाग के पूर्व अध्यक्ष प्रोफेसर हरिप्रसाद अधिकारी के अध्यक्षता में अपने -अपने संबोधन में कहा कि भारत -नेपाल दोनों देश एक जिस्म दो जान बनकर सर्वांगीण विकास करे। दोनों देशों के लोग ज्योति से ज्योति जगाते रहें। प्रेम की गंगा बहाते हुए।इक दूसरे के हितार्थ समर्पित रहे।
प्रमुख संयोजक कवि इन्द्रजीत तिवारी निर्भीक ने कहा कि -भाई से भाई का हो, सच्चा भाईचारा,यही है सोच,यही संदेश हमारा का सोच क़ायम रहे।
विशिष्ट अतिथि के रूप में कर्नल, डॉ.आदिशंकर मिश्र ने अस्वस्थता के कारण अनुपस्थित होकर भी मोबाईल द्वारा अपने संदेश में कहा कि विश्वगुरु भारत -नेपाल दोनों देश के लोगों की सोच- सबके प्रति सार्थक सोच सकारात्मक पहल का भाव रखती है।
मां वीणा वादिनि का आवाहन काशी हिन्दी विद्यापीठ के उपकुलपति डॉ.गिरीश पाण्डेय काशिकेय एवं इन्द्रजीत तिवारी निर्भीक ने क्रमशः किया।
तत्पश्चात कवि सम्मेलन, गायन -वादन,कत्थक,फोक एवं नेपाली लोक नृत्य से मुख्य अतिथि प्रोफेसर हरिप्रसाद तिमलसिना का देखकर श्रोता मंत्रमुग्ध हो गए।
मुख्य अतिथि द्वय ने कहा कि भारत -नेपाल का आचार -विचार – संस्कार सब इक दूसरे से मेल – मिलाप वाला होता है। हम सबको इक दूसरे के हितार्थ सदैव तत्पर रहने की जरूरत है।
विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े लोगों को काशी हिन्दी विद्यापीठ के कुलाधिपति कवि सुखमंगल सिंह ने मानद/ विशेष मानद सम्मान – भारत गौरव सम्मान – डॉ. ओमपाल सिंह निडर सहित अनेकों लोगों को विद्या – वाचस्पति एवं विद्या – सागर सम्मान भेंट किया।
उक्त अवसर पर डॉ. महेन्द्र तिवारी अलंकार, सिद्धनाथ शर्मा सिद्ध, जयशंकर सिंह, इन्द्रजीत तिवारी निर्भीक, कल्पना पौंडेल जिज्ञासु, श्रृषिराम सापकोटा-अविचल, कल्पना खरेल, मीना बराल, डॉ.राजकुमार थारू,किशन पौडेल, राजाबाबू पहाड़ी, सभापति चौधरी, मृत्युंजय त्रिपाठी मलंग, पूनम गुप्ता पूर्वी, ओमप्रकाश पाण्डेय निर्भय, ओमप्रकाश द्विवेदी ओम्, नाट्य रंगकर्मी विजय कुमार गुप्ता, दिवाकर पाठक, डॉ.शिवनाथ सिंह शिव, आनन्द श्रीवास्तव,उषा साह, डॉ.वीना सिंह रागी, डॉ.सुबाषचन्द्र, झरना मुखर्जी, डॉ. जयप्रकाश मिश्र, विजय नारायण तिवारी रसिक, राकेश चौबे संगम,अनुज दूबे सहित अनेकों ने अपनी काव्य/कला से सबको मनमोहित किया।
स्वागत संबोधन उषा साह- कोलकाता, धन्यवाद आभार मुख्य संरक्षक – डॉ. राम अवतार पाण्डेय एडवोकेट ने किया।
