वाराणसी।आजादी की लड़ाई में शहीद हुए क्रांतिकारियों को याद करना हमारा कर्तव्य है। हमें उनके बलिदान को याद करके अपने देश के प्रति अपने कर्तव्यों को पूरा करना चाहिए।देश के वीरों को विभिन्न परिस्थितियों से होकर गुजरना पड़ा,उनके बलिदान को याद करने की जरूरत है।

इसकी रक्षा करते हुए हमे देश हित में कार्य करते रहना है।विभिन्न खतरों से हमे मिलजुलकर विवेक के साथ आगे बढ़ना चाहिए।

उक्त विचार सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो बिहारी लाल शर्मा ने “काकोरी ट्रेन एक्शन” की 100 वीं वर्षगांठ पर चल रहे काकोरी ट्रेन एक्शन शताब्दी समारोह के अंतर्गत विद्यार्थियों के द्वारा निकाले गये संदेश यात्रा में परिसर स्थित चन्द्रशेखर आजाद के प्रतिमा पर माल्यार्पण करके व्यक्त किया।

कुलपति प्रो शर्मा ने अमर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि राम प्रसाद बिस्मिल, अशफाक उल्ला ख़ां, राजेंद्र नाथ लाहिड़ी, चंद्रशेखर आजाद जैसे क्रांतिकारियों ने अपने बलिदान और साहस से भारतीय स्वतंत्रता संग्राम को एक नया मोड़ दिया। हमें उनके आदर्शों और मूल्यों को याद रखना चाहिए और उनके बलिदान को कभी नहीं भूलना चाहिए।

कुलसचिव राकेश कुमार ने कहा कि काकोरी काण्ड ने आजादी की लड़ाई में एक बड़ा मोड़ दिया।हमे उनके आदर्शों और मूल्यों को याद कर, बलिदान को नहीं भूलना चाहिए।

उक्त कार्यक्रम के प्रारम्भ में कुलपति प्रो बिहारी लाल शर्मा के अध्यक्षता एवं छात्र कल्याण संकाय प्रमुख प्रो हरिशंकर पाण्डेय के संयोजकत्व में विद्यार्थियों ने काकोरी कांड के बलिदान और त्याग पर लिखित संदेश पोस्टर के साथ जलूस के रूप में अशोक स्तम्भ से लेकर मुख्य भवन होते हुए क्रांतिकारी अमर शहीद चन्द्रशेखर आजाद के प्रतिमा तक भारत माता की जय उद्घोष के साथ विभिन्न नारों के साथ शहीदों को याद किया गया।

ज्ञातव्य हो कि काकोरी काण्ड के 100 वर्ष पूर्ण होने पर अनवरत चलने वाले विभिन्न कार्यक्रमों की शृंखला में आज झाड़ू लगाकर स्वच्छता अभियान भी चलाया गया।

उक्त अवसर पर प्रोफेसर रामकिशोर त्रिपाठी, प्रो रजनीश कुमार शुक्ल, प्रो हीरक कांत चक्रवर्ती, प्रो विजय कुमार पाण्डेय,डॉ रविशंकर पाण्डेय, विशाखा शुक्ला,डॉ दिव्य चेतन ब्रह्मचारी सहित अन्य अध्यापक, कर्मचारी एवं भारी संख्या में विद्यार्थियों ने सहभाग किया।

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