लाटरी का पाठ किया साहित्यकार श्रीप्रकाश श्रीवास्तव ने

 

वाराणसी। कथा सम्राट प्रेमचंद ने भले ही 90 साल पहले लॉटरी कहानी लिखी हो, लेकिन इसका कथानक वर्तमान समाज में आज भी मौजूद है। महंगाई के इस दौर में भी ठाकुर या मास्टर की तरह एक-दो नहीं बल्कि लाखों लोग कोई लॉटरी लगने या फिर चमत्कार की आस में जी रहे हैं। प्रेमचंद की यह कहानी आजाद भारत से पहले की है लेकिन एक बड़े वर्ग के हालात आज भी उस मास्टर की तरह है जिसकी तनख्वाह आने के बाद भी जेब में बचते हैं तो केवल सपने। यह बात निदेशक राजीव गोंड ने प्रेमचंद मार्गदर्शन केंद्र की ओर से प्रेमचंद स्मारक स्थल लमही में आयोजित सुनों मैं प्रेमचंद कहानी पाठ में कहीं। प्रेमचंद की मंहगाई पर आधारित कहानी लाटरी का पाठ साहित्यकार व पूर्व अपर जिलाधिकारी श्रीप्रकाश श्रीवास्तव ने किया। इनका सम्मान प्रकाश चंद्र श्रीवास्तव और राजीव गोंड ने किया। इस अवसर निसार, शगुन, संस्कृति, अर्चना दूबे, इंद्रदेव राम, माता दिन गोंड, संजय श्रीवास्तव, राहुल विश्वकर्मा, सुजीत सिंह, मनोज विश्वकर्मा आदि थे। संचालन आयुषी दूबे, धन्यवाद ज्ञापन राजेश श्रीवास्तव ने किया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *