
रिपोर्ट उपेन्द्र कुमार पांडेय, आजमगढ़
आजमगढ़। मऊ जिला के मुहम्मदाबाद गोहना तहसील जमालपुर निवासिनी पीड़िता चंपा देवी की कीमती जमीन बिना उसकी जानकारी के बैंक ने नीलाम कर दिया। इसकी जानकारी पीड़िता को तब हुई जब बैंक का चेक उसके घर पहुंचा। पीड़िता ने मंडलायुक्त कार्यालय पहुंच ज्ञापन सौंप, अपनी कीमती जमीन बचाने की गुहार लगाई है।
ज्ञापन सौंपने आई मऊ जनपद निवासिनी चंपा देवी का कहना है कि जब बैंक का चेक उसके घर पहुंचा तब उसने जांच पड़़ताल शुरू कर दी तो पूरा मामला सामने आया।
पीड़िता का कहना था कि उसकी बड़ी बेटी का देवर अशोक कुमार का उसके यहाँ अक्सर आना-जाना लगा रहता था। अशोक ने उसे सरकारी योजना के अन्तर्गत धन दिलाये जाने की बात कहते हुए धोखे सेे कुछ कागजात पर अंगूठे का निशान लेकर बगैर संज्ञान व अनुपस्थिति में फर्जी तरीक से किसी कम्पनी के नाम पर लोन ले लिया। बाद में लोन वसूली के क्रम में बगैर संज्ञान में उसकी जमीन को विधि विरुद्ध तरीके से ई-नीलामी की प्रक्रिया के तहत नीलाम कर दिया गया। जबकि उक्त मेसर्स शारदा जाली उद्योग का उक्त नाम पता से किसी फर्म/प्रतिष्ठान का किसी प्रकार का पंजीकरण सम्बन्धित विभाग में नहीं है। मेरी जमीन से सम्बन्धित रजिस्टर्ड विक्रयनामा की प्रक्रिया में तत्कालीन जिलाधिकारी से किसी प्रकार से कोई अनुमति भी नहीं ली गयी है। वही उक्त जमीन को लेकर मेरे और बैनामे दार के बीच एक मुकदमा भी न्यायलय में विचाराधीन है।
हम चाहते हैं कि पुरे मामले में न्याय हो और फ्राड कर नीलाम के दृष्टिगत उक्त भूमि में किसी भी प्रकार का कोई कब्जा हस्तक्षेप किये जाने से उन्हें रोका जाय।
