वाराणसी। रुद्राक्ष कान्वेंसन सेंटर मे चल रहे तीन दिवसीय राष्ट्रीय आजीविका समागम के अंतिम सत्र मे शनिवार को उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने ऑनलाइन माध्यम से सत्र मे जुड़कर सभी प्रतिभागियों को संबोधित किया। उन्होंने सर्वप्रथम उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के सभी वर्गों के कर्मचारियों, एसएमएमयू, डीएमएमयू, बीएमएमयू को कार्यक्रम के सफल संचालन के लिए बधाई दी और साथ ही एनआरएलएम के सभी प्रबन्धक, आयोजकों, कर्मचारियों एवं विभिन्न विभागों से आए हुए प्रतिभागियो के लगन की प्रशंसा की।

उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व मे महिला सशक्तिकरण को एक नई दिशा मिली है, साथ ही दीदियों द्वारा बनाए गए उत्पादों की प्रशंसा करते हुए उत्पादों की गुणवत्ता को एक नए मुक़ाम देने की बात कही। उन्होने 2047 तक भारत को विकसित भारत बनाने के लिए आजीविका को मजबूत ओर आत्मनिर्भर बनाने का सुझाव दिया। जिसका केन्द्र बिन्दु ग्रामीण क्षेत्र एवं वहाँ की दीदयों को बताया। उन्होने प्रदेश की किसानों द्वारा किए जा रही खेती एवं बनाए गए उत्पादों पर ध्यान केन्द्रित करने के लिए कहा, ताकि हमे अन्य प्रदेशों पर निर्भर न होना पड़े।

इसी क्रम मे उन्होने दीदियों को मजबूत ओर बनाने एवं उनके द्वारा बनाए गए उत्पादों की गुणवत्ता पर ओर ध्यान केन्द्रित करने के लिए कहा, ताकि दीदियाँ 2025 के कुम्भ मेले के लिए तैयार हो सके उन्हे एक वृहद मार्केट मिल सके। इन्ही सुझावों के साथ उन्होंने सभी को हिन्दी दिवस की बधाई देते हुए प्रधानमंत्री द्वारा बनाए गए लक्ष्यों की प्राप्ति की कामना के साथ सभी आयोजकों, प्रतिभागियों एवं समस्त संबन्धित को भविष्य की शुभकामनाएं भी दी।

इसी क्रम मे अपर सचिव चरणजीत सिंह, ग्रामीण विकास मंत्रालय ने ई-सरस पोर्टल के माध्यम से राज्यों द्वारा बनाये गए उत्पादों को हर राज्य मे उपलब्ध कराने की बात करते हुए ऐसे आजीविका समागम को वर्ष मे दो बार करने का सुझाव दिया।

उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजविका मिशन के संयुक्त मिशन निदेशक जन्मेजय शुक्ला ने nmmu की सम्पूर्ण टीम को धन्यवाद देते हुए सभी आयोजकों को समान्नित करते हुए तीन दिवसीय राष्ट्रीय आजीविका समागम के कार्यक्रम को सम्पन्न किया।

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