आईएजे परिवार ने शोक जताया

 

 

वाराणसी।प्रख्यात शायर, वरिष्ठ पत्रकार, काशीरत्न ताजु‌द्दीन अशअर रामनगरी का लंबी बीमारी के बाद 96 वर्ष की आयु में गुरुवार को अर्ध रात्रि इंतकाल हो गया है। उनके देहांत से उर्दू पत्रकारिता जगत के एक युग का समापन हो गया।

उन्होंने अपने पत्रकारिता जीवन में दर्जन भर से अधिक उर्दू समाचार पत्रों का संपादन किया। उल्लेखनीय है कि उर्दू दैनिक समाचार पत्र कौमी मोर्चा का लगभग 30 सालों तक अपने संपादकीय से पाठकों के दिलों पर राज करते रहे।

विदित हो कि पाठक उनके संपादकीय को पढ़ने के लिए ही अखबार लेते थे । उनके द्वारा लिखे संपादकीय के कई संग्रह प्रकाशित हो चुके हैं।

श्री ताजु‌द्दीन अशअर रामनगरी एक अंतरराष्ट्रीय ख्याति लब्ध उस्ताद शायर थे जिनके शागिर्द दुनिया भर में उर्दू अदब की सेवा कर रहे हैं। उनके कविता संग्रह में नाल-ए- साज़, मताए अकीदत, मौजे- नसीमे हिजाज़, अन्य दो पुस्तकें काबिले जिक्र हैं।

मरहूम अशअर साहब को दर्जनों सरकारी और गैर सरकारी उपाधियों से सम्मानित किया जा चुका है।

राष्ट्रीय अलंकरण काशीरत्न से इण्डियन एसोसिएशन ऑफ जनर्लिस्ट ने नवाजा है।

विगत वर्ष उत्तर प्रदेश उर्दू अकादमी ने एक लाख की धनराशि पत्रकारिता के क्षेत्र में पुरस्कार स्वरूप उन्हें दिया है।

अशअर साहब अदब और साहित्य के हर विधा में निपुण थे।उन्होंने जहां एक तरफ गजलें नज्में लिखी है तो वही दूसरी तरफ हाजी नाम, रुखसती सेहरा कसौदा के फन में भी माहिर थे। जो उन्हें अपने समकालीन फनकारों में नुमाया पहचान दिलाता था।

अशअर साहब कई भाषाओं के माहिर थे स्कूली शिक्षा न होने के बावजूद हिंदी, संस्कृत, उर्दू अरबी, फारसी, अंग्रेजी, में महारत रखते थे।बनारस में होने हर वर्ष उनकी अंजुमन इस्लामिया कदीमी चौह‌ट्टा लाल खान और अंजुमन फिरदौसे अदब चाह मेहमा दालमंडी को प्रथम पुरस्कार से अलंकृत किया जाता था। अशअर साहब के देहांत से बनारस शहर और उत्तर प्रदेश के उर्दू हल्के में मायूसी का माहौल है जिसकी भरपाई निकट भविष्य में मुमकिन नहीं है। अशअर साहब के बेटे और शाएर जम जम रामनगरी उनकी अदबी विरासत आगे बढ़ाने में प्रयत्नशील है।

शुक्रवार को उनकी मि‌ट्टी उनके पैतृक कब्रिस्तान गोलाघाट रामनगर में अमल में आई बड़े पैमाने पर नम आंखों से उनको लोगों ने सुपुर्द-ए-खाक किया।

इण्डियन एसोसिएशन ऑफ जनर्लिस्ट (आईएजे) के राष्ट्रीय अध्यक्ष डा कैलाश सिंह विकास, महामंत्री अर्जुन सिंह, मोहम्मद दाऊद, रामनरेश नरेश, आशीर्वाद सिंह आंनद कुमार सिंह, अरविंद विश्वकर्मा, जफरूद्दीन फारूकी, विनय श्रीवास्तव, विक्की वर्मा, राजू वर्मा, संजय पाण्डेय ने काशीरत्न ताजूद्दीन अशअर के इंतकाल पर गहरा दुःख प्रकट किया।

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