वाराणसी। शनिवार को अधर्म पर धर्म, अन्याय पर न्याय, असत्य पर सत्य तथा अच्छाई पर बुराई के महाप्रतीक पर्व विजयादशमी के अवसर पर काशी में स्वर्णकारों ने देवी की आराधना कर शस्त्र का पूजन किया। समारोह के अंत में विगत एक साल में देश की सुरक्षा में प्राणों का न्योछावर करने वाले शहीदों को नमन करते हुए भारत माता की जय का उद्घोष किया।

नवापुरा दारानगर स्थित नंद कटरा में स्वर्णकार क्षत्रिय कमेटी परिवार ने हर्षोल्लास के साथ मां महिषासुर मर्दिनी की बड़ी प्रतिमा के समक्ष “शस्त्र पूजन” का आयोजन किया।

कमेटी अध्यक्ष कमल कुमार सिंह ने पंडित मिथिलेश शुक्ला “बिहारी” के आचार्यत्व में विधिवत पूजन अर्चन किया। आचार्य के नेतृत्व में मां भगवती की प्रतिमा के समक्ष दुर्गा सप्तशती का संपुट पाठ किया गया।

अध्यक्ष कमल कुमार सिंह ने बताया कि भगवान श्री राम ने रावण पर विजय प्राप्त करने के लिए मां दुर्गा की आराधना की थी और साथ ही शस्त्र का पूजन भी किया था। तभी से सनातन धर्म के लोग क्रोध पर क्षमा, अज्ञानता पर ज्ञान, बुराई पर अच्छाई और असत्य पर सत्य का महा विजय पर्व दशहरा हर्षोल्लाह के साथ मनाते चले आ रहे हैं। इसी परिप्रेक्ष्य में शनिवार को विजयदशमी के दिन सन् 1954 से चली आ रही “शस्त्र पूजन” की परंपरा का निर्वहन कमेटी परिवार ने किया। जिसमें समाज परिवार के सैकड़ो संख्या में लोग शामिल हुए और प्रसाद ग्रहण किया।

आगंतुकों का स्वागत कमेटी के महामंत्री सतीश कुमार सिंह तथा धन्यवाद प्रकाश कोषाध्यक्ष विष्णु सेठ ने किया।

उक्त अवसर पर मुख्य रूप से सरोज सेठ, श्याम सुंदर सिंह, रवि सर्राफ, कृष्ण कुमार सेठ, मुरली मनोहर सिंह, किशोर कुमार सेठ, डॉ कैलाश सिंह विकास, नरसिंह दास, घनश्याम सेठ “बच्चा”, अनुज गौतम, राजू वर्मा, सत्यनारायण सेठ, श्याम जी सर्राफ, सत्यप्रकाश सेठ, संदीप सेठ, विशाल सेठ, विष्णु दयाल, अवधेश सेठ, एड० सुरेन्द्र सेठ, प्रताप सिंह, रवि वर्मा, भुवन नारायण सिंह, किशन सेठ, जितेंद्र सेठ कन्हैया लाल सेठ, सत्येंद्र वर्मा सहित समाज के सैकड़ो लोग शामिल रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *