
वाराणसी। वैज्ञानिक और औद्योगिक अनुसंधान विभाग के सहयोग से एवं साईं इंस्टिट्यूट ऑफ़ रूरल डेवलपमेंट द्वारा ग्रामीण महिलाओं के लिए संचालित पारंपरिक कला एवं शिल्प कार्यक्रम के तहत मंदिर पर अर्पित फूलों से तैयार किए गए प्राकृतिक उत्पादों से पिंडरा की उपजिलाधिकारी प्रतिभा मिश्रा का स्वागत किया गया। साईं इंस्टिट्यूट के सचिव अजय सिंह ने उपजिलाधिकारी को महिलाओं द्वारा बनाए गए हैंडमेड बुके और श्री काशी विश्वनाथ मंदिर पर अर्पित फूलों से निर्मित अगरबत्ती, धूप, कोन, और हवन कप का उपहार देकर सम्मानित किया।
संस्थान के निदेशक अजय सिंह ने बताया कि साईं इंस्टिट्यूट ग्रामीण महिलाओं को पारंपरिक कला और शिल्प में आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से आधुनिक तकनीकों का प्रशिक्षण प्रदान कर रहा है। कहा कि भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक (सिडबी) के सहयोग से श्री विश्वनाथ मंदिर पर अर्पित फूलों से विविध उत्पाद बनाने का प्रशिक्षण महिलाओं को दिया गया है। जिसके माध्यम से महिलाएं अगरबत्ती आदि का निर्माण कर आर्थिक रूप से सशक्त बन रही हैं।
संस्थान की फैशन डिजाइनर अनुपमा दुबे ने हैंडमेड बुके भेंटकर उपजिलाधिकारी का विशेष स्वागत किया। स्वागत पिंडरा तहसील को प्रदेश में आईजीआरएस में 16वीं बार प्रथम स्थान प्राप्त करने पर किया गया। जो सराहनीय उपलब्धि है। इस अवसर पर तहसीलदार विकास पाण्डेय भी मौजूद थे। ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक विकास एवं स्वावलंबन की दिशा में साईं इंस्टिट्यूट के प्रयासों को और सशक्त बनाने का एक प्रेरणादायक उदाहरण है।
