वाराणसी। धन्वंतरी जयंती की पूर्व संध्या व 2024 एवं राष्ट्रीय स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर सोमवार को दारानगर स्थित महा मृत्युन्जय मन्दिर परिसर में धन्वंतरी अमृत कूप एवं धनवत्रेश्वर महादेव पर राष्ट्र के श्री स्वास्थ्य के निमित्त विभिन्न चिकित्सा संगठनों ने वैदिक ऋचाओं के साथ भगवान धन्वंतरी का पूजन अर्चन एवं हवन किया।

यजमान डा हरिओम पाण्डेय डा सुभाष श्रीवास्तव, तथा डा कैलाश प्रकाश रहे।

आयोजन में वैद्य सभा की ओर से डा शैलेन्द्र श्रीवास्तव, डा एस एस गांगुली, प्राकृतिक चिकित्सक डा एस डी यादव, डा आर जे पाल, डा राजेश मौर्या डा सबलू यादव तथा विश्व आयुर्वेद परिषद से वैद्य के के द्विवेदी, वैद्य विजय कुमार राय, वैद्य मनीष मिश्रा, डा राकेश मोहन, डा उमा कान्त श्रीवास्तव तथा आरोग्य भारती (काशी प्रान्त) से डा इन्द्र नील वशु ने हवन कुण्ड में अपनी- अपनी काशी एवं राष्ट्र के श्री स्वास्थ्य के निमित्त आहुतियां डाली।

तत्पश्चात् वैद्य कन्हैया लाल सिंह की स्मृति में आयुर्वेद की वैज्ञानिक संगोष्ठी का आयोजित किया गया। जिसमें वैद्य कन्हैया लाल के व्यक्तित्व और कृतित्व पर डा अशोक कुमार सिंह ने प्रकाश डाला।

कार्यक्रम संयोजक आयुर्वेदाचार्य डा सुभाष श्रीवास्तव ने कहा कि आज आयुर्वेद तेजी से सर्वग्राही एवं सर्वस्पर्शी हो रहा है इससे भी थोड़ा आगे अपनी कार्य क्षमता के कारण विश्व व्यापी हो रहा है। वैद्य समाज को पूरी निष्ठा से आयुर्वेद उत्थान में समर्पित होना होगा। अध्यक्षीय उद्बोधन में आयुष लक्षद्वीप के पूर्व निदेशक डा शिवशंकर मिश्रा ने कहा कि यह धन्वंतरी कूप दुनिया का अकेला है। इसी कूप में भगवान धन्वंतरी ने स्वर्ग गमन से पूर्व अपनी औषधि पेटिका डाली थी और जल को सर्व रोग हर बनाया था। अतः यह स्थान आयुर्वेद जगत को सदियों को ऊर्जा एवं प्रेरणा देता रहा है।

संचालन वैद्य ध्रुव कुमार अग्रहरि, विषय संयोजन डा नन्द किशोर सिंह एवं धन्यवाद प्रकाश वैद्य रंगी राम विश्वकर्मा ने किया।

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