
वाराणसी। दी इंस्टिट्यूट ऑफ़ चार्टर्ड एकाउंटेंट्स ऑफ़ इंडिया शाखा द्धारा शनिवार को जीएसटी एंड इनकम टैक्स पर एक सेमिनार का आयोजन मालवीय मूल्य अनुशीलन केंद्र बीएचयू में किया किया गया। मुख्य वक्ता सीए. जतिन हरजाई, सीए. बिमल जैन , एवं सीए कपिल गोयल थे।
शुभारम्भ शाखा अध्यक्ष सीए. सौरभ कुमार शर्मा ने स्वागत भाषण से किया। अध्यक्षता वाराणसी शाखा के पूर्व अध्य्क्ष सीए मनोज कुमार अग्रवाल, वरिष्ठ सदस्य सीए. द्विजेन्द्र कुमार सिंह ने किया I मुख्य वक्ता सीए. विमल जैन ने बताया कि सरकार द्वारा जीएसटी के शुरुआती तीन वर्षों के लिए धारा 128A के द्वारा एक समाधान योजना लायी गयी है। जिसके अंतर्गत वर्ष 2017 से 2020 तक के लिए जीएसटी में ब्याज और अर्थदण्ड को माफ कर दिया गया है। इसके अलावा उन्होंने जीएसटी के invoice management system के बारे में बताया जिससे कि भविष्य में व्यापरियों की आईटी सी से संबंधित समस्याओं का पूर्णतया समाधान हो जाएगा। दूसरे वक्ता कपिल गोयल ने बताया कि सरकार द्वारा व्यापरियों की सुविधा और विवादों के जल्द निपटारे के लिए विवाद से विश्वास योजना लायी गयी है। जिसके तहत अगर किसी कर दाता का केस किसी भी स्तर पर निर्णय के लिए लंबित है तो वो मात्र कर का भुगतान करके अपने केस का निस्तारण कर सकता है, और लंबित केस को खत्म कर सकता हैl वक्ता जतिन हरजाई ने जीएसटी अधिनियम केअंतर्गत जारी किए जाने वाले समन और नोटिस, उनके प्रतिउत्तर के उचित तरीके, उचित अधिकारी और उसके क्षेत्र और नोटिस की वैधता के बारे में जानकारी दीl संचालन सीए चहक बहल और सीए. एकता उपाध्याय, धन्यवाद ज्ञापन शाखा उपाध्यक्ष सीए. नीरज कुमार सिंह ने दिया।
इस अवसर पर सिकासा अध्यक्ष सीए. सोम दत्त रघु, शाखा सचिव सीए वैभव मेहरोत्रा, शाखा कोषाध्यक्ष सीए. विकास द्विवेदी शाखा एवं पूर्व अध्यक्ष सीए. अनिल कुमार अग्रवाल, सीए शिशिर उपाध्याय, सीए रवि कुमार सिंह, सीए अमित कुमार गुप्ता, सीए अरुण कुमार सिंह, सीए राजन गुप्ता, सीए सचिन जालान, सीए राहुल कुमार सिंह, सीए मनोज निगम, सीए के एन गौतम, सीए विश्वजीत सिंह, सीए कमलेश अग्रवाल आदि थे।
