वाराणसी। ग्राम चौका भुसौला, हरहुआ मे मुख्य पशुचिकित्साधिकारी डा०बी०पी० पाठक, पशुचिकित्साधिकारी डॉ० आशीष कुमार वर्मा, खण्ड विकास अधिकारी की उपस्थिति मे मिल्कमैन वर्गीस कुरियन के जन्मदिन को धूमधाम से मनाया गया। जिसमे क्षेत्र के डेयरी फार्मर बड़ी संख्या मे उपस्थित रहे। डा० बी०पी० पाठक ने दुग्ध के उत्पादन, महत्व, उपयोगिता सहकारिता के माध्यम से विक्रय के बारे मे चर्चा करते हुये बताया कि कैसे एक आदमी केरल से आणंद, गुजरात आता है उत्पादक एवं उपभेक्ता के बीच सीधा सम्बन्ध स्थापित करता है अमुल को ब्रांड बना देता है, 1965 राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड की

स्थापना करता है, 1970 मे श्वेत कांति को लाता है और भरत को दुग्ध उत्पादन मे पहले पायदान पर पहुँचा देता है। खण्ड विकास अधिकारी हरहुआ ने डेयरी सहकारिता गुजरात मॉडल के बारे मे बताया कि कैसे सहकारिता के द्वारा डेयरी फार्मर आत्मनिर्भर एवं समृध्द हुये, सहकार से समृध्दी का मंत्र दिया। पशुचिकित्साधिकारी हरहुआ ने पशुओं से दुग्ध निकालने की वैज्ञानिक विधि, साफ-सफाई से थनैला के बचाव की जानकारी दिया एवं अंत मे सबको धन्यवाद देते हुये कार्यक्रम समाप्त किया गया।

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