वाराणसी।सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय में आज एन.सी. सी. दिवस मनाया गया।वेद विभाग के आचार्य एवं भूतपूर्व एन. सी सी अधिकारी डॉ. सत्येन्द्र यादव जी ने अपना प्रेरक उद्बोधन देते हुए बताया कि एनसीसी में आने के बाद कैडेट जहां अनुशासित होता वही राष्ट्र के प्रति अपनी प्रतिबद्धता से अवगत होकर राष्ट्र के प्रति समर्पित भाव से कार्य करने के लिए तैयार होता है। एनसीसी सरकार के द्वारा गतिमान एक ऐसा प्रकल्प है जिसमें कैडेटों को छात्र जीवन से ही देश सेवा का मौक़ा मिलता है और यथावश्यक जहां कैडेटें की ज़रूरत होती है वहाँ एन सी सी कैडेट अपनी सेवाएँ भी प्रदान करते हैं और राष्ट्र की उन्नति में अपना महत्वपूर्ण योगदान देते हैं।

इस दिवस के अवसर पर विश्वविद्यालय के एन सी सी अधिकारी डॉ विजेन्द्र कुमार आर्य ने कैडेटों को सम्बोधित करते हुए कहा कि एनसीसी का ध्येय वाक्य है “एकता और अनुशासन” इसलिए कैडेट के जीवन में एकता और अनुशासन आना चाहिए,क्योंकि बिना अनुशासन के जीवन की संकल्पना बहुत समीचीन रूप से नहीं हो पाती है इसलिए आवश्यक कि अपनी दिनचर्या में अनुशासित बने और एकता से सन्देश प्राप्त होता है कि एकता से किसी भी असंभव कार्य को सम्भव करना आसान होता है इसलिए प्रत्येक कैडेट को एकत्व के भाव से कार्य करना चाहिए और जाति, धर्म से उपर उठकर राष्ट्र की उन्नति हेतु समर्पण भाव से राष्ट्रहित में चिन्तन, मनन करते हुए अपनी एकता का परिचय देना चाहिए।

प्रत्येक भारतीय के लिए राष्ट्रहित सर्वोपरि है। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के कैडेटों ने भी उत्साह और उमंग के साथ साथ प्रतिभाग ग्रहण किया।

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